प. बंगाल में घुसपैठियों के वोट के लालच में किया जा रहा राष्ट्र की सुरक्षा का सौदा: भाजपा
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी दल को अगर किसी भी प्रदेश की जनता सत्ता देती है तो वह अपेक्षा करती है कि वह विकास और सुशासन के मार्ग पर प्रदेश को ले जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम वह समय याद दिलाते हैं, जब हम विपक्ष में थे और राज्यों में हमारी सरकारें थीं, तब गुजरात मॉडल की चर्चा होती थी कि किस तरह विकास, पारदर्शी शासन और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन आगे बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हमने ऐसी योजनाएं लागू की थीं, जिससे बच्चियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। कर्नाटक में जब 2008 में हमारी सरकार थी, तब हमने किसानों को एक साल के लिए बिना ब्याज के ऋण देने का प्रयास किया था और सफल रहे थे।
जबकि आज कांग्रेस की जिन राज्यों में सरकार है, वे कैसा मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं, उसकी बानगी हम आपके सामने रखना चाहते हैं।
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है और हाल में वहां से समाचार आया कि कर्नाटक वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन ने 6,000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले का आरोप कांग्रेस सरकार पर लगाया है। उन्होंने बाकायदा बताया है कि रेस्टोरेंट से लेकर होटलों तक, किस प्रकार एलॉटमेंट के नाम पर सरकार के विभिन्न स्तरों पर बैठे मंत्रियों और अन्य लोगों तक यह पैसा जाता था।
उन्होंने कहा कि हाल में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ा निर्देश दिया कि सीमा सुरक्षा बल द्वारा भारत–बांग्लादेश सीमा पर, जिसमें पश्चिम बंगाल के करीब 9 जिले आते हैं, वहां फेंसिंग के कार्य के लिए भूमि आवंटन की जो प्रक्रिया है, उसे तत्काल पूरा कर 31 मार्च, 2026 तक सूचित किया जाए। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि यह एक बहुत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और विचलित करने वाला प्रश्न उठाता है। यह दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में देश की सीमाओं पर सुरक्षा की कीमत पर, घुसपैठियों के वोट के लालच में, केवल क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र की सुरक्षा का सौदा किया जा रहा था। उच्च न्यायालय का यह निर्णय उनकी (तृणमूल कांग्रेस) नीतियों पर करारा प्रहार है।


