48वें फ़्लाइट टेस्ट कोर्स के अधिकारी एएफटीपीएस से स्नातक हुए
चीफ़ ऑफ़ द एयर स्टाफ़ एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह मुख्य अतिथि थे
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को ट्रॉफियां भेंट की गईं
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। अड़तालीसवें फ़्लाइट टेस्ट कोर्स के 11 टेस्ट पायलट और 6 फ़्लाइट टेस्ट इंजीनियर सख़्त और बहु-विषयक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद एयर फ़ोर्स टेस्ट पायलट स्कूल (एएफटीपीएस) से स्नातक हुए। अब ये 'एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट' की एविएशन विंग में शामिल होंगे।
इस अवसर पर चीफ़ ऑफ़ द एयर स्टाफ़ एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह मुख्य अतिथि थे। उन्होंने सभी उत्तीर्ण अधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को ट्रॉफियां भेंट कीं।इस साल सर्वश्रेष्ठ 'ऑल-राउंड स्टूडेंट टेस्ट पायलट' के लिए प्रतिष्ठित 'सुरंजन दास ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर केके सिंह को दी गई। वहीं, फ़्लाइट मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ छात्र टेस्ट पायलट के लिए 'चीफ़ ऑफ़ द एयर स्टाफ़ ट्रॉफ़ी' स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नि को मिली।
सर्वश्रेष्ठ 'ऑल-राउंड' छात्र फ़्लाइट टेस्ट इंजीनियर के लिए 'महाराजा हनुमंत सिंह स्वॉर्ड' विंग कमांडर अभिनव कुमार को मिली। विंग कमांडर प्रणव शर्मा को फ़्लाइट मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ 'फ़्लाइट टेस्ट इंजीनियर' के लिए 'डनलप ट्रॉफ़ी' से सम्मानित किया गया। ग्राउंड विषयों में सर्वश्रेष्ठ छात्र के लिए 'कपिल भार्गव ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर पारस शर्मा को प्रदान की गई।
मुख्य अतिथि ने उत्तीर्ण होने वाले अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पूरी एकाग्रता के साथ कड़ी मेहनत करना जारी रखें। उन्होंने लचीली स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को विकसित करने के लिए आत्मनिर्भरता को एक रणनीतिक आवश्यकता बताया।
उन्होंने पेशेवर दक्षता के महत्त्व पर बल दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान और प्रणालियां, सेवाओं की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करें। साथ ही, अधिकारियों से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, सटीकता और उत्कृष्टता के गुणों को बनाए रखने का भी आह्वान किया।


