बंद कराने आए कांग्रेसियों को लौटना पड़ा बैरंग, व्यापारियों और सवर्ण समाज ने लगाए विरोधी नारे

बंद कराने आए कांग्रेसियों को लौटना पड़ा बैरंग, व्यापारियों और सवर्ण समाज ने लगाए विरोधी नारे

अलवर। कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा 10 सितंबर को बुलाए गए ‘भारत बंद’ की कई तस्वीरें काफी चर्चा में रहीं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने देश के कई हिस्सों में तोड़फोड़ भी की। राजस्थान के अलवर में जब कांग्रेस कार्यकर्ता बाजार बंद कराने पहुंचे तो यहां अजीब स्थिति पैदा हो गई।

Dakshin Bharat at Google News
आशा के विपरीत यहां उन्हें बंद के लिए समर्थन नहीं मिला, बल्कि लोगों ने उनका विरोध किया। अलवर में व्यापारियों और सवर्ण के समाज के लोगों ने बंद का समर्थन नहीं किया। वे काफी तादाद में होप सर्कस पर जमा हुए। यहां उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों को यकायक बंद के विरोध में देख कांग्रेस के कार्यकर्ता असहज हो गए। वहीं व्यापारियों ने कांग्रेस का विरोध किया और उसके खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

6 सितंबर को कहां थे?
इन लोगों का कहना है कि जब 6 सितंबर को उन्होंने भारत बंद किया था तो कांग्रेसी कहां थे। व्यापारी अपनी दुकानें खोलने पर अड़े रहे। बंद के विरोध को लेकर व्यापारी और कांग्रेसी आमने-सामने हो गए। इस मौके पर व्यापारियों और सवर्ण समाज के लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए।

कांग्रेसियों की उम्मीदों पर फिरा पानी
बंद के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के सम​र्थन में नारे लगा रहे थे। जब उन्होंने व्यापारियों और सवर्ण समाज द्वारा लगाए जा र​हे कांग्रेस विरोधी नारे सुने तो बंद की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आया। कांग्रेसियों ने व्यापारियों से कहा कि वे बंद को समर्थन देने के लिए अपनी दुकानें बंद कर दें, लेकिन उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग ठुकरा दी। इस वजह से वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। आखिरकार पुलिस ने समझाइश की और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से आगे रवाना कर दिया। व्यापारियों ने कहा कि वे इस बंद को समर्थन नहीं देंगे। इसके बाद बाजार में दुकानें खुलने लगीं।

‘साथ चाहिए तो साथ दो’
इसी तरह जैसलमेर में भी बंद कराने आए कांग्रेस नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा। यहां सवर्ण समाज के लोगों ने एक पर्चा छपाकर बांटा और कांग्रेसियों से कई तीखे सवाल किए। पर्चे में पूछा गया था कि कांग्रेसी 6 सितंबर को कहां थे, जो अब 10 सितंबर को आए हैं। सवर्ण समाज ने कांग्रेस के इस बंद का विरोध किया। पर्चे में कहा गया था कि साथ चाहिए तो साथ दो। ये सवाल सुनकर कांग्रेसियों से कोई जवाब देते न बना।

Tags:

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download