मई में यूपीआई ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर 29.9 लाख करोड़ रु. हो गए
अप्रैल में ट्रांज़ैक्शन की वैल्यू 29.03 लाख करोड़ रु. रही
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में गर्मियों की यात्रा और आईपीएल के चलते लोकप्रिय यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के ज़रिए होने वाले लेन-देन ने रिकॉर्ड ऊंचाई छू ली। मूल्य और संख्या के लिहाज़ से यह आंकड़ा क्रमशः 29.90 लाख करोड़ रुपए और 23.2 अरब तक पहुंच गया।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने बताया कि अप्रैल में ट्रांज़ैक्शन की वैल्यू 29.03 लाख करोड़ रुपए रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 25.14 लाख करोड़ रुपए थी। इस तरह सालाना आधार पर इसमें 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।वॉल्यूम के लिहाज़ से, इसने इस महीने 23.2 अरब ट्रांज़ैक्शन के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले साल की इसी अवधि के 18.67 अरब ट्रांज़ैक्शन से 24 प्रतिशत ज़्यादा है।
अप्रैल 2026 में, यूपीआई लेन-देन की संख्या 22.35 अरब दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, मई के आंकड़े मज़बूत ऑर्गेनिक मांग को दिखाते हैं। गर्मियों की यात्रा, आईपीएल 2026 और मौसमी उपभोक्ता खर्च की वजह से इस महीने 23.20 अरब ट्रांज़ैक्शन हुए, जिनकी कुल कीमत 29.90 लाख करोड़ रुपए थी। यह महीने-दर-महीने एक अच्छी रिकवरी है और यूपीआई के लगातार ऊपर की ओर बढ़ते सफ़र का ही एक हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि आरबीआई की पेमेंट्स सिस्टम्स रिपोर्ट से पता चलता है कि यूपीआई का औसत टिकट साइज़ साल 2021 के 1,848 रुपए से घटकर 2025 में 1,313 रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात नहीं है, बल्कि यह एक परिपक्व होते इकोसिस्टम का संकेत है।
यूपीआई पहले से ही सात देशों में लाइव है, जिनमें यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल और मॉरीशस शामिल हैं। एनपीसीआई, जो भारतीय रिज़र्व बैंक और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन की एक पहल है।


