राज्यपाल ने सिद्दरामय्या का इस्तीफा स्वीकार किया
जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, सिद्दरामय्या मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रहेंगे
Photo: Siddaramaiah.Official FB Page
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सिद्दरामय्या ने गुरुवार को यहां लोक भवन में, राज्यपाल की अनुपस्थिति में, उनके विशेष सचिव को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया था।
राज्यपाल ने अधिसूचना में कहा, 'भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के तहत मुझे प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं थावरचंद गहलोत, कर्नाटक का राज्यपाल, सिद्दरामय्या, कर्नाटक के मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार करता हूं और उनके नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग करता हूं।'उन्होंने कहा कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, सिद्दरामय्या मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रहेंगे।
सिद्दरामय्या और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, जिनके उनके उत्तराधिकारी बनने की सबसे अधिक संभावना है, दोनों ही कांग्रेस आलाकमान से मिलने और सत्ता हस्तांतरण तथा नई कैबिनेट के गठन पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में हैं।
बैठक में शामिल हुए कई मंत्रियों ने बताया कि गुरुवार को अपने आवास पर कैबिनेट सहयोगियों के लिए आयोजित नाश्ते की बैठक में सिद्दरामय्या ने मंत्रियों को अपने पद से हटने के फैसले की जानकारी दी और कहा कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार शिवकुमार उनके उत्तराधिकारी होंगे।
यह कदम कांग्रेस आलाकमान द्वारा सिद्दरामय्या से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने को कहने और उन्हें राज्यसभा सीट के साथ पार्टी में केंद्रीय भूमिका की पेशकश करने के बाद उठाया गया है। सिद्दरामय्या ने इस केंद्रीय भूमिका को स्वीकार नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी से सीधे संदेश मिलने के बाद सिद्दरामय्या ने पद छोड़ने का फैसला किया।
पार्टी ने मंगलवार को सिद्दरामय्या और शिवकुमार को दिल्ली बुलाया, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के महासचिवों केसी वेणुगोपाल तथा सुरजेवाला के साथ लगातार बैठकें हुईं।


