तृणकां अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुटी है: प्रधानमंत्री
मोदी ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया में जनसभा को संबोधित किया
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हल्दिया/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बंगाल ने इस बार हर विपरीत परिस्थिति को पराजित करने का फैसला कर लिया है। भाजपा की विजय, इस उत्साह और उमंग में दिखाई पड़ती है। यह परिवर्तन की आंधी है। यह तृणकां की निर्मम सरकार के जाने का एलान है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल का यह चुनाव सामान्य नहीं है। यह बंगाल के वैभव को फिर से स्थापित करने का चुनाव है। यह विकसित बंगाल की नींव मजबूत करने का चुनाव है, और इसका पहला और सबसे बड़ा कदम होगा... निर्मम सरकार की विदाई।प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी हल्दिया में लोग काम के लिए आते थे, लेकिन आज काम की तलाश में लोग दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। तृणकां की निर्मम सरकार में सिर्फ और सिर्फ घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो बंगाल कभी भारत की प्रगति का आधार था, जो बंगाल कभी भारत की मैन्युफैक्चरिंग और व्यापार को मजबूती देता था, उसी बंगाल को तृणकां ने विकास के पैमानों पर इतना नीचे ला दिया है।
उन्होंने कहा कि हल्दिया सदियों पहले भी ऐतिहासिक ताम्रलिप्त एक फलती-फूलती समृद्ध नगरी थी। दुनियाभर के साथ यहां से व्यापार और कारोबार होता था। हल्दिया आधुनिक भारत के बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक था, लेकिन पिछले दशकों में यहां की फैक्ट्रियों में ताले लटक रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणकां ने सिंडिकेट का गुंडाराज चलाया है। जहां कट मनी और कमीशन के बिना कुछ नहीं चलता। फैक्ट्रियां भी सिंडिकेट के गुंडाराज से नहीं, उसके भय से नहीं, भरोसे से चल सकती हैं और यह भरोसा सिर्फ भाजपा दे सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन-जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, उन राज्यों का विकास यह भरोसा पैदा करता है कि पश्चिम बंगाल में भी हम ऐसा ही विकास करके दिखाएंगे, और भरोसे के आधार पर करके दिखाएंगे। भय को विदाई देकर रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणकां ने बंगाल के युवाओं को डबल धोखा दिया है। यहां निजी क्षेत्र में नौकरियां हैं नहीं, और सरकारी भर्तियों को तृणकां के मंत्री लूट रहे हैं। तृणकां के भ्रष्टाचारियों ने हजारों युवाओं के, उनके परिवारों के सपनों को कुचल दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणकां अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुटी है। न्यायालय बार-बार इस साजिश को खारिज करता है, लेकिन तुष्टीकरण की बीमारी ऐसी है कि ये न्यायालय तक को नहीं मानते, संविधान को नहीं मानते।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये (माहिष्य समुदाय) कब से तृणकां सरकार से अपनी मांग कर रहे हैं, लेकिन तृणकां मांग पूरी करने के बजाय बहाने बना रही है। क्योंकि माहिष्य समुदाय तृणकां का वोट बैंक नहीं है। मैं आज आपको भरोसा देता हूं कि भाजपा सरकार संविधान के अनुसार काम करेगी। जिसका जो हक है, वो हक उसे दिलाया जाएगा।


