अग्निवीरों ने पासिंग आउट परेड में किया साहस और अनुशासन का प्रदर्शन
गोविंदास्वामी ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित हुई परेड
अब वे राष्ट्र की सेवा करने के लिए तैयार हैं
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के परेड ग्राउंड पर शनिवार को 2,181 अग्निवीरों की पासिंग आउट परेड हुई। उन्होंने सख्त प्रशिक्षण के बाद यह मुकाम हासिल किया है। अब वे अटूट लगन के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र की सेवा करने के लिए तैयार हैं। यह समारोह प्रशिक्षण के दौरान विकसित हुए परिवर्तन, अनुशासन, जुझारूपन और जज़्बे का प्रतीक था।
गोविंदास्वामी ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित परेड सैन्य सटीकता और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन थी। अग्निवीरों ने मिलिट्री बैंड की जोशीली धुनों पर पूर्ण तालमेल के साथ मार्च किया और अपनी वेशभूषा, आत्मविश्वास तथा ड्रिल के असाधारण मानकों का प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और मद्रास सैपर्स की गौरवशाली परंपरा को दर्शाया।इस अवसर पर विशिष्ट समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर अजय सिंह ठाकुर (कमांडेंट, मद्रास इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर) थे। उन्होंने अग्निवीरों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी और उनके द्वारा प्रदर्शित समर्पण, दृढ़ संकल्प और लगन की सराहना की।
समीक्षा अधिकारी ने सैन्य जीवन में साहस, अनुशासन, ईमानदारी और शौर्य के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवा सैनिकों को उनके भविष्य के सभी कार्यों में भारतीय सेना के मूल्यों और परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
इन सैनिकों के माता-पिता को 'गौरव पदक' से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने बेटों को 'थंबी सैपर' का रैंक बैज पहनाया। यह उनके प्रशिक्षु से सैनिक बनने के सफर का प्रतीक था। सेंटर ने उनके स्वागत और परिवहन के लिए व्यवस्थाएं की थीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ गर्मजोशी से बातचीत की। वे उनके गर्व और खुशी में शामिल हुए।


