भारत का परचम हर वैश्विक मंच पर लहराए, यही हमारी दिशा है: मोदी
प्रधानमंत्री ने एनएक्सटी कॉन्क्लेव को संबोधित किया
Photo: narendramodi FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां एनएक्सटी कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत पर आज पूरी दुनिया की नजर है। दुनिया भर के लोग भारत आना चाहते हैं, भारत को जानना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि आज भारत, दुनिया का वो देश है, जहां पॉजिटिव न्यूज लगातार क्रिएट हो रही है। न्यूज मैन्यूफेक्चर नहीं करना पड़ रहा है। जहां हर रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, कुछ न कुछ नया हो रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि 26 फरवरी को ही प्रयागराज में महाकुंभ संपन्न हुआ है। पूरी दुनिया हैरान है कि कैसे एक अस्थायी शहर में, नदी तट के किनारे करोड़ों लोगों ने स्नान किया! आज दुनिया, भारत का आयोजन और नवोन्मेषी कौशल देख रही है। हम सेमीकंडक्टर से लेकर विमान वाहक तक यहीं पर बना रहे हैं। दुनिया, भारत की इसी सफलता को विस्तार से जानना चाहती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ महीने पहले ही, भारत ने दुनिया के सबसे बड़े चुनाव कराए हैं। 60 साल बाद ऐसा हुआ, जब भारत में कोई सरकार लगातार तीसरी बार वापस लौटी है। इस जन-विश्वास का आधार पिछले 11 साल में भारत की अनेक उपलब्धियां हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई साल पहले मैंने वोकल फॉर लोकल and लोकल फॉर ग्लोबल का विजन देश के सामने रखा था। आज हम इस विजन को सच्चाई में बदलते हुए देख रहे हैं। आज हमारे आयुष प्रॉडक्ट्स और योग, लोकल से ग्लोबल हो गए हैं। आज भारत के सुपरफूड, हमारा मखाना, लोकल से ग्लोबल हो रहा है। भारत के मिलेट्स-श्रीअन्न भी, लोकल से ग्लोबल हो रहे हैं। भारत, दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी एक्सपोर्टर बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक, दुनिया भारत को अपना बैक ऑफिस कहती थी, लेकिन आज भारत न्यू फैक्ट्री ऑफ द वर्ल्ड बन रहा है। हम सिर्फ वर्कफोर्स नहीं, वर्ल्ड-फोर्स हैं। आज भारत बहुत बड़े टारगेट्स रख पा रहा है, उनको हासिल कर रहा है तो इसके मूल में एक खास मंत्र है। यह मंत्र है- मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेस। बीते एक दशक में हमने करीब 1,500 ऐसे कानूनों को खत्म किया है, जो अपना महत्त्व खो चुके थे। इनमें से बहुत सारे कानून अंग्रेजी शासन के दौरान बने थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे उस समय की सरकार और नेताओं से कुछ कहना नहीं है, लेकिन मुझे ज्यादा तो लुटियन जमात पर आश्चर्य हो रहा है, खान मार्केट गैंग पर आश्चर्य हो रहा है। ये लोग 75 साल तक ऐसे कानून पर चुप क्यों थे? यह हमारी सरकार है, जिसने गुलामी के कालखंड के कानून को खत्म किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा मकसद है देश के लोगों को जीवन में आसानी दो, व्यापार करने में आसानी दो, उड़ने के लिए खुला आसमान दो। दुनिया को जीरो की अवधारणा देने वाला भारत आज अनंत नवाचार की धरती बन रहा है। भारत का युवा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने बच्चों को किताबों से आगे बढ़कर सोचने का अवसर दिया है। मिडल स्कूल से ही बच्चे कोडिंग सीखकर एआई और डेटा साइंस की फील्ड के लिए तैयार हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का परचम हर वैश्विक मंच पर लहराए, यही हमारी आकांक्षा, यही हमारी दिशा है। यह छोटा सोचने और छोटे कदम लेने का समय ही नहीं है।


