कर्नाटक में सप्ताहांत कर्फ्यू हटाया गया, रात्रि कर्फ्यू रहेगा जारी

कर्नाटक में सप्ताहांत कर्फ्यू हटाया गया, रात्रि कर्फ्यू रहेगा जारी

अब संक्रमितों के अस्पतालों में भर्ती होने की दर करीब 5 प्रतिशत है


बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक में सप्ताहांत कर्फ्यू हटाने का फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को इस संबंध में घोषणा की। बता दें कि राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सप्ताहांत कर्फ्यू लगाया गया था। 

वहीं, हर रोज रात को 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू जारी रखने का निर्णय हुआ है। राज्य में कोरोना संक्रमण और रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने लागू पाबंदियों का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उसके बाद उक्त फैसले की घोषणा की गई।

फिर लग सकता है सप्ताहांत कर्फ्यू अगर ...
इस बारे में राजस्व मंत्री आर अशोक ने बताया कि शनिवार और रविवार के सप्ताहांत कर्फ्यू को हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर और हालात को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 

मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब संक्रमितों के अस्पतालों में भर्ती होने की दर करीब 5 प्रतिशत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस दर में इजाफा होता है तो पुन: सप्ताहांत कर्फ्यू लगाया जाएगा। 

करें सावधानियों का पालन
मंत्री ने जनता से अपील की है कि कोरोना की रोकथाम से संबंधित निर्देशों और सावधानियों का पालन करें, ताकि राज्य में दोबारा सप्ताहांत कर्फ्यू न लगाना पड़े।

इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजाना रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक चलने वाला रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा। इसी प्रकार प्रदर्शनों, रैलियों, मेलों और अन्य आयोजनों पर प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे। 

उल्लेखनीय है कि राज्य में कोरोनारोधी टीकाकरण तेजी से हो रहा है। इससे संक्रमण काबू में है। जिन लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ, वे भी जल्द ठीक हो रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अभी मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, स्वच्छता जैसे नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है।

क्या बोले मुख्यमंत्री?
बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा था कि विशेषज्ञों के विचारों और कोविड​​-19 की मौजूदा तीसरी लहर की प्रवृत्ति के आधार पर उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम इस बात पर विचार करेंगे कि तीसरी लहर कैसे सामने आई और इसके भविष्य के परिणाम क्या होंगे। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य ढांचे पर पड़ने वाले असर को लेकर निर्णय लिया जाएगा। हम अब तक की गई कार्रवाई और मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा करेंगे। वैज्ञानिक आधार पर फैसला होगा।

यह जानकारी आई सामने
कोविड स्थिति पर मुख्यमंत्री बोम्मई की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद बताया गया कि 20 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 2,93,231 सक्रिय मामले हैं, जिनमें से 2.86 लाख होम आइसोलेशन में हैं। 5344 संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 340 आईसीयू में और 127 वेंटिलेटर पर हैं।

बेंगलूरु के अलावा, मैसूरु, तुमकुरु, हसन, दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों से उच्च मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में सकारात्मकता दर 19.94 प्रतिशत है। बच्चों के लिए सकारात्मकता दर 8 प्रतिशत है और वयस्कों के लिए यह 16.57 प्रतिशत है। बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने पर निगरानी रखी जा रही है। राज्य के लिए स्वीकृत 243 पीएसए संयंत्रों में से 225 ने काम करना शुरू कर दिया है।

पीएसए संयंत्रों ने सभी जिलों और 113 तालुक अस्पतालों में काम करना शुरू कर दिया है। राज्य में मामले के दोगुने होने की औसत दर 3 दिन है और प्रत्येक संक्रमित 2.6 व्यक्तियों तक फैल रहा है। मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ तेजी से संक्रमित हो रहे हैं।

सिर्फ बेंगलूरु नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी कोविड मामलों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मामले अगले सप्ताह चरम पर पहुंचने की संभावना है। कोविड फ्रंटलाइन वर्कर्स के बीच बढ़ते संक्रमण पर ध्यान दिया गया है। बैठक में जीवन और आजीविका दोनों के पहलुओं पर चर्चा हुई। 

बैठक में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है कि सप्ताह के सभी 7 दिनों के लिए रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात का कर्फ्यू लागू रहेगा। जनता की मांग और विशेषज्ञों की राय के आधार पर अभी के लिए सप्ताहांत कर्फ्यू को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, अगले सप्ताह अस्पताल में भर्ती होने की प्रवृत्ति के आधार पर एक बैठक में उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा कि प्रतिबंधों को फिर से लागू किया जाए या नहीं।

इसलिए आम जनता के लिए जिम्मेदारी से आचरण करना और कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। 50 प्रतिशत क्षमता वाले मॉल, होटल, बार, क्लब और पब खोलने और संरक्षकों का दोहरा टीकाकरण अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है।

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