राजस्थान में बढ़ी नोटा की धमक, कई सीटों पर बिगड़ा कांग्रेस-भाजपा का खेल

राजस्थान में बढ़ी नोटा की धमक, कई सीटों पर बिगड़ा कांग्रेस-भाजपा का खेल

ईवीएम में नोटा

जयपुर। राजस्थान की 199 विधानसभा सीटों के नतीजे आने के बाद हार-जीत की चर्चा जारी है। इस बार बागियों ने कांग्रेस और भाजपा को खूब छकाया। इसके अलावा नोटा विकल्प भी कई सीटों पर निर्णायक रहा। अगर वहां नोटा के वोट किसी प्रत्याशी को मिलते तो यकीनन तस्वीर कुछ और ही होती। इस तरह विधानसभा चुनाव में नोटा विकल्प मजबूती से उभरा है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 199 सीटों पर कुल 4 लाख 67 हजार 785 वोट नोटा को मिले। सबसे ज्यादा नोटा विकल्प कुशलगढ़ सीट पर चुना गया। यहां 11,002 वोट इसके खाते में गए। यह इस सीट पर डाले गए कुल वोटों का 5.58 प्रतिशत है। दूसरे स्थान पर झाड़ोल सीट है, जहां 7,457 मतदाताओं ने नोटा विकल्प चुना। तीसरे स्थान पर रेवदर सीट है, जहां 6,108 मतदाताओं ने किसी प्रत्याशी को वोट देने के बजाय नोटा को पसंद किया।

इस सूची में सबसे आखिरी (199वें) स्थान पर सूरजगढ़ सीट है, जहां 392 मतदाताओं ने नोटा विकल्प चुना। अगर सभी सीटों पर डाले गए नोटा वोटों की गणना की जाए तो यह कुल मतों का 1.33 प्रतिशत है। बाड़मेर जिले की सिवाना सीट पर नोटा विकल्प ने मुकाबले को और मुश्किल बना दिया। यहां से भाजपा के हमीर सिंह सिर्फ 957 वोटों के अंतर से जीत पाए, जबकि यहां 816 वोट नोटा को मिले थे।

नोटा ने यूं बदली तस्वीर
कुछ ऐसा ही हाल भीलवाड़ा की आसींद सीट का रहा। यहां से भाजपा के जब्बर सिंह सांखला 154 वोटों के अंतर से जीते। वहीं नोटा को 2,943 वोट मिले। इस तरह यहां नोटा ने कांग्रेस को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया। बूंदी सीट पर भाजपा के अशोक डोगरा 713 वोटों के अंतर से जीते थे, जबकि यहां नोटा को 1,692 लोगों ने चुना। चूरू सीट से भाजपा के राजेंद्र राठौड़ मात्र 1,850 वोटों के अंतर से जीत पाए। यहां नोटा को 1,816 मतदाताओं ने चुना।

हनुमानगढ़ की पीलीबंगा सीट पर भाजपा के धर्मेंद्र कुमार 278 वोटों के अंतर से जीते। यहां नोटा का आंकड़ा काफी बड़ा है। 2,441 वोट नोटा को मिले। नोटा से ही पोकरण में हार-जीत का अंतर सिर्फ 872 वोटों का रहा। यहां से कांग्रेस के सालेह मोहम्मद जीते। पोकरण सीट पर 1,122 लोगों ने नोटा को पसंद किया।

नागौर की मकराना सीट पर भाजपा के रूपाराम 1,488 वोटों के अंतर से जीते। यहां 1,550 वोट नोटा के खाते में गए थे। पाली के मारवाड़ जंक्शन में निर्दलीय खुशवीर सिंह सिर्फ 251 वोटों के अंतर से जीते, जबकि यहां नोटा को 2,719 वोट मिले। सीकर के दांतारामगढ़ में कांग्रेस के वीरेंद्र सिंह 920 के अंतर से जीते। यहां 1,188 वोट नोटा के हिस्से में गए। इसी प्रकार फतेहपुर में भी नोटा खूब चला। यहां कांग्रेस के हाकम अली ख़ान 860 वोटों के अंतर से जीते, जबकि नोटा को 1,165 वोट मिले।

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