सड़कें साफ, हवा भी साफ, सिक्किम के लोग प्रकृति के पक्के संरक्षक हैं: प्रधानमंत्री
मोदी ने गंगटोक में समारोह को संबोधित किया
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गंगटोक/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के राज्य बनने के 50 साल पूरे होने पर यहां समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले, मैं बंगाल चुनाव की गहमागहमी में व्यस्त था। यहां आते ही एक नई अनुभूति, नया आनंद और चारों तरफ उत्सव का माहौल देखा। मन खुशियों से भर गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रात को बारिश हुई, फिर सुबह की ठंडक और यह खिली हुई धूप... सिक्किम के रंग ही निराले हैं। पूरब का स्वर्ग सिक्किम, आर्किड्स का गार्डन सिक्किम। इसका अप्रतिम सौंदर्य, यहां की शांति, यहां का आध्यात्मिक आनंद, यह अनुभूति बड़े सौभाग्य से मिलती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश में राजनीतिक स्वार्थ के चलते भाषावाद, प्रांतवाद, ऊंच-नीच और देश में भेदभाव के लिए लगातार कोशिश हो रही है, आज सिक्किम ने 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के दर्शन करा दिए। उन्होंने इस छोटे से कार्यक्रम में पूरा हिंदुस्तान आंखों के सामने खड़ा कर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वाकई आपने दिल जीत लिया है। केवल मोदी का नहीं, पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया है। यही तो भारत भक्ति, देशभक्ति होती है। नई पीढ़ी में इसी से देशभक्ति के भाव जागते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम आने पर मुझे इसलिए भी बहुत ख़ुशी है, क्योंकि पिछली बार मैं खराब मौसम के कारण यहां तक नहीं पहुंच पाया था। मुझे बागडोगरा से ऑनलाइन ही आपसे जुड़ना पड़ा था। आपसे मिलने की वो कसक मेरे मन में बनी हुई थी, इसलिए मैं इंतजार में था। वो इंतजार भी आज इस अवसर के माध्यम से पूरा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम के लोगों से मिलना मुझे हमेशा एक अलग सुकून देता है। आपकी सौम्यता, आपकी सादगी, आपके चेहरों की मुस्कान अद्भुत है। यहां आने से पहले भी मैं सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों से मिला हूं। सिक्किम के प्रबुद्ध लोग, पद्म सम्मान विजेता, आर्टिस्ट और फुटबॉल खिलाड़ियों से मेरी अलग-अलग विषयों और बात हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कल शाम जो रोड शो हुआ, मैं उसे भी अब तक भूल नहीं पाया हूं और न ही कभी भूल पाऊंगा। हाथों में हमारा प्यार तिरंगा, लगातार भारत माता का जयकारा और वंदे मातरम् का उद्घोष, पूरा वातावरण एक भारत-श्रेष्ठ भारत की तस्वीरों से रंगा हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सबसे अच्छी बात मुझे पूरे रास्ते भर दिखी। वो थी सिक्किम की सड़कों की स्वच्छता। दूर-दूर तक कोई गंदगी नहीं... वायु में भी स्वच्छता...सड़कों पर भी स्वच्छता... सिक्किम के लोग प्रकृति के पक्के संरक्षक हैं, ब्रांड एंबेसडर हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस समय जिसको जो करना था, वो किया, उसने सिक्किम को दिया। अब इसकी जिम्मेदारी हमारे ऊपर है। सिक्किम की सरकार प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में पूरी ईमानदारी से सिक्किम की विरासत को संजोने और विकास को गति देने का काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम और नार्थईस्ट हमारे लिए केवल देश का एक अहम हिस्सा ही नहीं है, बल्कि यह भारत की अष्टलक्ष्मी है। नॉर्थईस्ट हिंदुस्तान की अष्टलक्ष्मी है, इसलिए हम एक्ट ईस्ट की पॉलिसी पर तो काम कर रहे हैं, साथ ही हमने नार्थईस्ट के लिए एक्ट फास्ट का संकल्प भी लिया है।


