कल्पना से भी ऊपर है मोदी के कार्यकाल में देश का विकास
ऐसे ही कोई देशवासियों का लाड़ला नहीं बन जाता: संजय सेठ
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। ''बारह वर्षों में दुनियाभर में भारत के प्रति परसेप्शन बदल गया। पहले भारत को जादू-टोना करने वालों का देश माना जाता था, भिखारियों का देश कहकर मखौल उड़ाया जाता था लेकिन पिछले बारह वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है वह अद्भुत है, कल्पना से परे है। आज विश्वभर में भारत के प्रति धारणा ही बदल गई है। आज हमारे देश की साख ऊँचाइयाँ छू रही है। विदेशों में जहां दो दशक पहले हमें हिक़ारत दृष्टि से देखा जाता था, वहीं आज पश्चिमी देशों में हमें बहुत सम्मान से देखा जाता है। इसका पूरा श्रेय मोदी को जाता है, उनकी कार्यशैली को जाता है। मोदी का काम अद्भुत है, देश के प्रति उनकी निष्ठा अद्भुत है। कल्पना से परे काम है मोदी जी का।'' यह विचार व्यक्त किए केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने। बेंगलूरु में रांची मूल के, बेंगलूरु में बसे प्रवासी उद्यमियों ने केंद्रीय मंत्री संजय सेठ के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें कुछ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं उद्योग-व्यापार से जुड़े प्रतिष्ठित लोग शामिल थे।
अपने उद्बोधन में संजय सेठ ने कहा, राममंदिर का निर्माण असंभव सा लगता था लेकिन उसे संभव करने का श्रेय मोदी को जाता है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद मोदी काल में ही राम मंदिर मिला। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री बनने के बाद जब सबसे पहले स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया गया तो विरोधियों द्वारा शौचालय बनाने की योजना का मजाक उड़ाया गया लेकिन आगे चलकर उसी योजना के तहत देश में 12 करोड़ शौचालय बने।आज स्कूलों से ही विद्यार्थियों में सिविक सेंस का निर्माण किया जा रहा है और उसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। अब हमारे देश के छोटे-छोटे बच्चे भी साफ सफ़ाई का ध्यान रखते हैं।संजय सेठ ने कहा, देश को ऐसा नेतृत्व मिला है कि 12 वर्षों में देश हर क्षेत्र में तेज़ी से तरक्की कर रहा है। आज 9 करोड़ 32 लाख किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर हो जाता है। कभी लोगों को गैस कनेक्शन के लिए महीनों, सालों तक भटकना पड़ता था, फिर सिलेंडर के लिए लंबी लंबी लाइनों में लगना पड़ता था लेकिन आज 11 करोड़ घरों तक फ्री गैस का कनेक्शन पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि आज ईरान-अमेरिका युद्ध से बने हालात में भी भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई क़िल्लत नहीं है, लेकिन विरोधी विचारधारा के लोग पैनिक फैलाकर संकट पैदा करना चाहते हैं। सरकार इस संकटकाल में भी सब देशों से अच्छे संबंध बनाने में कामयाब रही है। पैट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम करके सरकार ने मूल्य नियंत्रण करने की कोशिश की है और पैट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का भी काम कर रही है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कई दृष्टांत सुनाकर प्रधानमंत्री की कार्यशैली की सराहना की और कहा कि जब जब संकट आता है, कोई न कोई महापुरुष उस संकट से उबारने के लिए आता है। मोदी भी विषम परिस्थितियों से देश को उबारने के लिए आए हैं और दिन-रात, बिना थके, हारे निरंतर देश को तेज गति से आगे बढ़ाते चले जा रहे हैं। ऐसे ही कोई देशवासियों का लाड़ला नहीं बन जाता। संजय सेठ ने राम मंदिर निर्माण के अलावा यूपीआई की बात की, कश्मीर में धारा 370 हटाने की बात की, सरदार पटेल, शहीद भगत सिंह, गुरु गोविन्द सिंहजी को उचित सम्मान देने का ज़िक्र किया। उन्होंने आप्टिकल फाइबर क्षेत्र में प्रगति की बात की।उन्होंने सड़क, रेल और हवाई यातायात में अकल्पनीय विकास के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आज भारत विश्व का सर्वाधिक मोबाइल फोन बनाने वाला दूसरे नंबर का देश बन चुका है। उन्होंने किसानों के साथ साथ जन सामान्य के स्वास्थ्य के लिए मोदी की सोच का ज़िक्र करते हुए मोटे अनाज( मिलेट्स) को प्रोत्साहित करने के बारे में बताया।
संजय सेठ ने रक्षा क्षेत्र में देश की अद्भुत प्रगति का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब कहा जाता था कि भारत तो सब सामान आयात करने वाला देश है। जब मोदी प्रधानमंत्री बने तब रक्षा क्षेत्र में केवल 646 करोड़ का निर्यात हुआ करता था, आज भारत दुनिया के 85 देशों को 38 हजार 424 करोड़ रुपए का निर्यात करता है, अस्त्र शस्त्र भेजता है। अब भारत को निर्यातक देश कहा जाने लगा है। उन्होंने कहा, वर्ष 2014 के पहले देश में मात्र एक हजार स्टार्टअप हुआ करते थे, अब दो लाख नौ हजार स्टार्टअप कार्यरत हैं। आज़ एमएसएमई सेक्टर में 8 करोड़ उद्योग धंधे सक्रिय हैं। संजय सेठ ने कहा कि मोदी दूरगामी सोच के साथ काम करते हैं। वे 2047 के भारत की कल्पना करते हुए योजनाओं को क्रियान्वित कर रहे हैं।
रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि आप सब वाइस आफ सोसाइटी हैं, समाज की आवाज़ हैं, इसलिए आप के माध्यम से मोदी के कामकाज की जानकारी जन जन तक पहुंचनी चाहिए और सिविक सेंस, अनुशासन संबंधी जागरूकता फैलाने का कार्य भी आपको करना चाहिए क्योंकि देश आपका है, हम सबका है। देश का नेतृत्व सशक्त हाथों में है। सबको देश के साथ खड़ा होना सीखना चाहिए। कार्यक्रम के प्रारंभ में निर्मल कुमार तापड़िया ने मंत्री का परिचय दिया और प्रवासी रांची बंधुओं की ओर से उनको कर्नाटक का पारंपरिक फेटा पहनाकर, शाल ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया।


