'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 19वीं लहर में ईरान बरसा रहा मिसाइलें
ड्रोन्स से भी किया जा रहा हमला
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तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान के इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर के जनसंपर्क विभाग ने गुरुवार को घोषणा की कि ऑपरेशन 'ट्रू प्रॉमिस 4' की उन्नीसवीं लहर शुरू हो गई है। यह अभियान अमेरिका-इज़राइल के ठिकानों के खिलाफ संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमलों के तहत चलाया जा रहा है।
एक प्रमुख समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने गुरुवार सुबह ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की उन्नीसवीं लहर को अंजाम दिया।उसने कहा कि इजराइली शासन और अमेरिकी शासन ने शनिवार सुबह ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने कड़ा और निर्णायक जवाब दिया है।
एजेंसी के अनुसार, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजराइली शासन के सैन्य ठिकाने ईरान की सशस्त्र सेनाओं के ड्रोन और मिसाइल हमलों के निशाने पर आ गए हैं।
ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने गुरुवार सुबह ऑपरेशन 'ट्रू प्रॉमिस 4' की उन्नीसवीं लहर शुरू की, जो अमेरिकी-इज़राइली ठिकानों और क्षेत्र में अमेरिकी सरकार के सैन्य अड्डों के खिलाफ संचालित की गई।
ईरान के हमलों के बाद अमेरिकी सेना पर दबाव
आईआरजीसी का कहना है कि दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना होने का दावा करने वाली अमेरिकी सेना, ईरान के हमलों के कारण क्षेत्र से भाग रही है।
आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने एक बयान जारी कर चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना फ़ारस की खाड़ी के तटीय देशों में गैर‑सैन्य सुविधाओं के बहाने ईरान के खिलाफ कार्य कर रही है।
आईआरजीसी ने क़तर और बहरीन का ज़िक्र किया, जहां ईरानी सशस्त्र सेनाओं के शक्तिशाली ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद अमेरिकी सैनिक सुरक्षा के लिए 'पलायन' कर रहे हैं।
उसने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना द्वारा गुप्त अभियानों को जारी रखने से उनके सैन्य और आर्थिक ढांचे को खतरा होगा।


