नवाज का जाना

नवाज का जाना

नवा़ज शरीफ पाकिस्तान के पहले ऐसे प्रधान मंत्री हैं जो तीन बार चुने जाने के बावजूद एक बार भी अपने कार्यकाल को पूरा करने में सफल नहीं रहे। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायलय द्वारा नवा़ज शरीफ को पनामागेट मामले में दोषी करार दिया है। न्यायलय के इस फैसले के बाद पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने नवा़ज शरीफ की योग्यता रद्द करने की घोषणा कर दी। उच्चतम न्यायालय ने न केवल प्रधान मंत्री पद के लिए शरीफ को अयोग्य पाया बल्कि उन्हें अपनी पार्टी पीएमएल-एन के मुखिया के रूप में बने रहने पर भी सवाल उठा दिया। आखिरकार नवा़ज शरीफ को इस्तीफा देना प़डा। पिछले वर्ष जब पनामा की एक कंपनी के अहम् दस्तावेज सार्वजनिक किये गए तो विश्व भर की अनेक ब़डी हस्तियों द्वारा की जा रही टैक्स चोरी और अन्य आर्थिक घपलों का खुलासा हुआ्। इस सूची में विश्व के १२५ से भी अधिक नेताओं और साथ ही ब़डी हस्तियों का नाम आया था। पनामागेट के नाम से प्रसिद्ध हुई इस घटना से विश्व भर में खलबली मच गई और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवा़ज शरीफ भी उन हस्तियों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा की ’’पनामा पेपर्स’’ की वजह से उनके जीवन में ऐसा भूचाल आजायेगा। जब पाकिस्तान में इस मुद्दे पर कारवाही की मांग की जाने लगी तो नवा़ज सरकार ने संयुक्त जांच समिति गठित की। परंतु नवा़ज शरीफ ने यह नहीं सोचा होगा की जांच के कारण उनकी ही परेशानियां ब़ढ जाएँगी।केवल नवा़ज ही नहीं उनके परिवार पर भी कार्रवाही चल रही है। लंदन में छह ब़डी सम्पत्तियों को अवैध तरीके से खरीदने के आरोप नवा़ज शरीफ और उनके परिवार पर लगे हैं्। उच्चतम न्यायलय के इस ब़डे फैसले का असर पकिस्तान पर तो प़डेगा ही लेकिन भारत को भी इस फैसले से सचेत होने की आवश्यकता है। नवा़ज शरीफ के बहार हो जाने से पाकिस्तान सरकार पर पक्सितनि सेना का दबदबा ब़ढेगा और साथ ही देश में राजनीतिक अस्थिरता की स्तिथि भी पैदा होगी। निकट भविष्य में नवा़ज शरीफ अपने पूरे परिवार के साथ देश छो़डने की कोशिश कर सकते हैं्। जिस तरह के हालात बने हैं उस से ऐसा नहीं लगता की नवा़ज पाकिस्तानी राजनीती में पुनः वापसी कर सकेंगे। अगर पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई देश की राजनीती पर हावी होतीं हैं तो निश्चित रूप से यह भारत के लिए अच्छा नहीं है। भारत में आतंकवाद को ब़ढाने की कोशिशें भी ब़ढेंगीं्। साथ ही इस बात से भी इंकार नहीं किया जासकता है की बलूचिस्तान और पश्चिमी पकिस्तान में लगातार ब़ढ रहे संगर्ष की आंच भी इस्लामाबाद तक पहुंच सकती है।भारत को घुसपेठ की कोशिशों में वृध्दि के लिए तैयार रहने और अपनी सरहद पर चौकसी ब़ढने जरूरत है।

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