‘ओखी’ पर मोदी ने की मुख्यमंत्री से बात

‘ओखी’ पर मोदी ने की मुख्यमंत्री से बात

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में चक्रवात ओखी से हुए नुकसान को लेकर बीती रात वहां के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी से बात की। इस बातचीत के बाद तमिलनाडु सरकार ने कहा कि वह राज्य के दक्षिणी हिस्सों में चक्रवात ओखी से हुए नुकसान के लिए केंद्र से जल्द ही निधि की मांग करेगी। कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली जिले चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार रात टेलीफोन पर बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मांग से अवगत करा दिया। गत रात जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने तत्काल आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया। इसमें कहा गया है कि मोदी ने पलानीस्वामी को फोन किया था और चक्रवात से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। चक्रवात से केरल के कुछ हिस्सों में भी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य के सात जिलों में जोर शोर से विभिन्न राहत कार्य चल रहे हैं और साथ ही उन्होंने मोदी को बताया कि कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली को चक्रवात से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। विज्ञप्ति के अनुसार, पलानीस्वामी ने राहत कार्यों को देखने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और आईएएस अधिकारियों की तैनाती के अलावा उठाए जा रहे कई कदमों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध स्तर पर कोशिशें की जा रही हैं जबकि बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है। समुद्र में फंसे ३० मछुआरों को बचाने के लिए तटरक्षक बल की सहायता ली जा रही है जबकि ७६ मछुआरों को पहले ही बचा लिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार चक्रवात से हुए नुकसान का व्यापक रूप से आकलन करने के बाद निधि की मांग के लिए केंद्र को एक रिपोर्ट भेजेगी।चक्रवात ओखी ने शुक्रवार को प्रचंड रूप से लिया था और वह अरब सागर की ओर ब़ढ गया। बंगाली में ओखी का मतलब आंख होता है। राज्य सरकार ने कल बताया कि चक्रवात से कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली जिलों में प्रभावित १,२०० से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।

नागपट्टिनम। श्रीलंकाई नौसेना ने समुद्री सीमा का उल्लंघन करने के आरोप में शनिवार को २० भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया और दो मोटरचालित नौकाएं भी जब्त की। तमिलनाडु के मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार मछुआरों में से १० नागपट्टिनम जिले के अक्काराईपेट्टाई तटीय कस्बे और अन्य १० पुड्डुचेरी के कराईकल के निवासी हैं। यह मछुआरे ३० नवंबर को समुद्र में उतरेे थे। श्रीलंकाई नौसेना की उत्तरी कमान से संबद्ध एक पोत ने कोविलान प्वाइंट और प्वाइंट पेड्रो के उत्तर में उनकी समुद्री सीमा में मछली पक़डने के आरोप में २० मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। दस मछुआरों से भरी एक नाव को करीनगर स्थित नौसैनिक अड्डे और इतने ही मछुआरों वाली दूसरी नाव को कनकेसनथुरई स्थित नौसैनिक अड्डे ले जाया गया है। मछुआरों को आगे की कार्रवाई के लिए जाफना के सहायक मा्स्यियकी निदेशक को सौंप दिया गया है।

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