अनुच्छेद 370 हटाना ऐतिहासिक, कश्मीर के लोगों को मिले समान अधिकार: राष्ट्रपति

अनुच्छेद 370 हटाना ऐतिहासिक, कश्मीर के लोगों को मिले समान अधिकार: राष्ट्रपति

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख

नई दिल्ली/भाषा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि संसद के दोनों सदनों द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को दो-तिहाई बहुमत से हटाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है और इससे श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत करोड़ों स्वतंत्रता सेनानियों का सपना साकार हुआ है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के लोगों को भी वही अधिकार मिल गए हैं जो बाकी देशवासियों को हैं।

राष्ट्रपति बजट सत्र के पहले दिन संसद के केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, संसद के दोनों सदनों द्वारा दो तिहाई बहुमत से संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को हटाया जाना, न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का भी मार्ग प्रशस्त हुआ है।

कोविंद ने कहा, बंगाल की धरती के महान सपूत और जवाहरलाल नेहरू नीत सरकार में उद्योग मंत्री रहे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने लोकसभा में कहा था कि एक लोकतांत्रिक संघीय राज्य में, एक इकाई के नागरिकों के मौलिक अधिकार किसी अन्य इकाई के नागरिकों से अलग नहीं हो सकते। क्या जम्मू-कश्मीर के लोग उन मूलभूत अधिकारों के हकदार नहीं हैं, जो हमने शेष भारत के लोगों को दिए हैं?

राष्ट्रपति ने कहा, आज सात दशक बाद पूरे देश में इस बात की खुशी है कि डॉक्टर मुखर्जी समेत करोड़ों स्वतंत्रता सेनानियों का सपना साकार हुआ है और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के लोगों को, वहां के दलितों और महिलाओं को भी वही अधिकार मिले हैं, जो बाकी देशवासियों को प्राप्त हैं।

उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का तेज विकास, वहां की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा, पारदर्शी व ईमानदार प्रशासन और लोकतंत्र का सशक्तीकरण, मेरी सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। राष्ट्रपति शासन के दौरान और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास की सभी परियोजनाओं में तेजी आई है।

कोविंद ने कहा, वर्ष 2018 के अंत में जम्मू-कश्मीर की 4,400 से अधिक पंचायतों में शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हुए थे। स्वतंत्रता के बाद पहली बार वहां 300 से अधिक खंड विकास परिषदों के चुनाव भी कराए गए हैं। अब वहां के लोगों को स्वच्छ भारत अभियान, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, उजाला योजना, डीबीटी तथा खाद्य सब्सिडी का पारदर्शी तरीके से पूरा लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मार्च 2018 तक जम्मू-कश्मीर में लगभग 3,500 घर बनाए गए थे, वहीं दो साल से भी कम समय में 24,000 से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा किया गया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कनेक्टिविटी, सिंचाई, अस्पताल, पर्यटन से जुड़ी योजनाओं एवं आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना का काम भी तेजी से चल रहा है। जम्मू-कश्मीर में सेब की सीधी खरीद के लिए नेफेड को जिम्मेदारी दी गई है। इससे कश्मीर घाटी के सेब उत्पादकों को विशेष तौर पर लाभ मिला है।

Google News
Tags:

About The Author

Post Comment

Comment List

Advertisement

Latest News