लेह: पुलिस ने सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया
गृह मंत्रालय ने वांगचुक को हिंसा भड़काने के लिए जिम्मेदार ठहराया था
Photo: wangchuksworld Instagram account
लेह/दक्षिण भारत। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को यहां एक पुलिस दल ने गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि अलग राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार के लिए आंदोलन के समर्थकों द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद, चार लोगों की मौत हो गई और 90 अन्य घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि वांगचुक को लद्दाख के डीजीपी एसडी सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस दल ने दोपहर 2.30 बजे हिरासत में लिया। वांगचुक के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।गृह मंत्रालय ने लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के वरिष्ठ सदस्य वांगचुक को हिंसा भड़काने के लिए जिम्मेदार ठहराया था। वांगचुक पिछले पांच वर्षों से कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के साथ मिलकर मांगों के समर्थन में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
हालांकि, मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे वांगचुक ने आरोपों से इन्कार किया। उन्होंने हिंसा की निंदा की और बुधवार को हिंसा के बाद दो हफ्ते से चल रहा अपना अनशन भी समाप्त कर दिया।
बता दें कि गुरुवार को, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कथित उल्लंघनों के चलते विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत वांगचुक के एनजीओ का लाइसेंस रद्द कर दिया था।
गृह मंत्रालय ने बुधवार को लद्दाख में हुई भीड़ हिंसा और आगजनी के लिए वांगचुक द्वारा दिए गए 'भड़काऊ' भाषणों को ज़िम्मेदार ठहराया। भाषणों में अरब स्प्रिंग-शैली के विरोध प्रदर्शनों और नेपाल में जेन-ज़ी के उग्र प्रदर्शन का ज़िक्र था। वहीं वांगचुक का आरोप है कि सरकार उन्हें जेल में डालने के लिए मामला बना रही है।


