उपमुख्यमंत्री ने एचवन एनवन को फैलने से रोकने का दिया निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने एचवन एनवन को फैलने से रोकने का दिया निर्देश

बेंगलूरु/दक्षिण भारतबेंगलूरु में एचवन-एनवन बीमारी के फैलने की खबरें सामने आने के बाद रविवार को उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने बृहत बेंगलूरु महानगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारियांे के साथ बैठक की और इस बीमारी की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में चर्चा की। अभी तक राज्य में इस घातक संक्रामक बीमार से ६ लोगों की मौत हो चुकी है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष २०१५ में एचवन एनवन से ९४ लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इसके बाद वर्ष २०१६ में इस बीमारी से एक भी मौत नहीं हुई। वर्ष २०१७ में इस बीमारी से १५ लोगों की मौत हुई थी।उप मुख्यमंत्री के साथ बेंगलूरु विकास मंत्री का प्रभार रखने वाले जी परमेश्वर ने रविवार को बीबीएमपी के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कहा कि इस वर्ष एचवन एनवन वायरस का फैलना चिंता का कारण है। इस वर्ष जनवरी से लेकर अभी तक ४९०२ लोगों की जांच की गई और इनमें से ४५६ लोगों में एचवन एनवन पाजेटिव पाया गया। सरकार ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के किसी भी हिस्से में यदि कोई भी व्यक्ति इस संक्रामक रोग से ग्रसित पाया जाता है तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाए और समुचित उपचार दिया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस प्रकार की घटनाएं सामने आई है और वर्ष २०१५ मं इस महामारी से सर्वाधिक मौत होने के बाद इसे नियंत्रण में लाया गया था। वर्ष २००७ में एचवन एनवन से ३००० लोग प्रभावित पाए गए थे और इस वर्ष भी काफी संख्या लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं जोकि चिंता का विषय है लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया है कि वह एचवन एनवन के प्रति सचेत रहे हैं और यदि किसी भी व्यक्ति में एचवन एनवन के लक्षण महसूस होते हैं तो तत्काल निकट के स्वास्थ्य अधिकारी को इस बात की सूचना दें। उन्होंने कहा कि प्रभावित मरीजों के खून की जांच को महत्व दिया जाना चाहिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर कर्नाटक में एचवनएनवन की जांच के लिए समुचित सुविधाएं नहीं हैं और जल्द ही यहां पर सरकारी लैब स्थापित कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीबीएमपी के अधिकार क्षेत्र में एचवन एनवन से दो लोगों की मौत हुई है। अभी तक राज्य में इस बीमारी से जिन लोगों की मौत हुई है उनमें एक बेंगलूरु शहरी क्षेत्र और एक बेंगलूरु ग्रामीण क्षेत्र से हैं। इसके साथ हासन, टुमकूरु ओर कलबुर्गी प्रत्येक जिले में एक व्यक्ति की इस बीमारी से मौत हुई है।

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