भरोसा रखें, घबराएं नहीं

गैस बुकिंग बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं

भरोसा रखें, घबराएं नहीं

कुछ लोगों ने जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू कर दी है

भारत महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान योद्धाओं का देश है, जिन्होंने मुश्किल समय में घास की रोटी और गुड़-चना खाया, लेकिन मातृभूमि का शीश नहीं झुकने दिया। आज वैसा समय बिल्कुल नहीं है। हर तरह की सुख-सुविधाएं हैं। फिर भी कई लोगों ने रसोई गैस को लेकर जबर्दस्त हाहाकार मचा रखा है। विपक्ष के कुछ राजनेता उन्हें उकसा रहे हैं। वे ऐसे बयान दे रहे हैं, जिन्हें सुनकर लोगों में घबराहट फैल रही है। यह स्थिति तब है, जब ईरान के साथ अमेरिका-इज़राइल के युद्ध में भारत किसी की हिमायत नहीं कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य अवरुद्ध होने के कारण जहाजों का आवागमन बाधित हुआ है। इस समय देशवासियों को कुछ संयम और अनुशासन का पालन करना चाहिए। हमें जापान के नागरिकों से कुछ सीखना चाहिए। वहां भूकंप, सुनामी, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा मंडराता रहता है। वहां भी कई इलाकों में चीजें पहुंचाने में समय लगता है। क्या जापान के लोग अफरा-तफरी मचाते हैं? वे शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते हैं। उन लोगों को जितनी जरूरत होती है, उतनी ही चीजें लेते हैं। वहीं, भारत में क्या हो रहा है? यहां कोई आपदा नहीं आई है। फिर भी गैस एजेंसियों के द्वार पर लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं! इनमें से कुछ लोग जरूर वास्तविक खरीदार होंगे, जिनके घरों में रसोई गैस नहीं है। क्या लाखों घरों में एकसाथ ही गैस सिलेंडर खाली हो गए? अगर पिछले आंकड़ों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि हर गैस एजेंसी पर जरूरत के अनुसार सिलेंडर पहुंचाए जाते हैं, जहां से वे घरों में वितरित होते हैं। एक सिलेंडर का पूरा उपभोग होने पर लोग दूसरा सिलेंडर बुक करते हैं। इस तरह पूरी व्यवस्था सहज ढंग से हो जाती है।

Dakshin Bharat at Google News
अब अचानक बुकिंग बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। पहले, औसतन 55.7 लाख बुकिंग होती थीं, जो अब 75.7 लाख हो गई हैं। ये स्पष्ट रूप से घबराहट में की गई बुकिंग हैं। सामान्य दिनों की तुलना में जब औसतन 20 लाख बुकिंग ज्यादा होंगी तो वितरण तंत्र पर दबाव बढ़ेगा। इस दौरान कुछ लोगों ने जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में दो दिनों में ही अधिकारियों की छापेमारी में 38 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक शख्स के घर से एलपीजी के 55 सिलेंडर मिले हैं। अगर अधिकारी सूझबूझ से काम लें, खुफिया नेटवर्क को मजबूत बनाकर जानकारी जुटाएं तो उन्हें हर शहर में ऐसे लोग मिल जाएंगे, जो इसी मौके की ताक में बैठे हैं कि कब ईंधन का संकट आए और वे देशवासियों को दोनों हाथों से लूटें। कोरोना काल में ऐसे लोगों ने ही पांच रुपए की चीज के बीस रुपए वसूले थे। सरकार को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सोचिए, जब हजारों किमी दूर विदेशों की लड़ाई, जिसमें भारत की कोई भूमिका नहीं है, होने पर जमाखोरी और कालाबाजारी की यह स्थिति है, अगर किसी दिन सच में भारत की (चीन, पाकिस्तान या अन्य देश से) लड़ाई हो गई, तो क्या होगा? इन लोगों की तो लॉटरी निकल पड़ेगी। ये जनता को लूट खाएंगे। सरकार को चाहिए कि इनकी पहचान करे और भविष्य में इनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे। इनका कृत्य कोई सामान्य अपराध नहीं है। ये चीजों की कृत्रिम कमी पैदा कर जनता के हक पर डाका डाल रहे हैं। केंद्र सरकार ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। वह संबंधित देशों की सरकारों के संपर्क में है। कोई रास्ता जरूर निकलेगा। भरोसा रखें, घबराएं नहीं। भारत और मजबूत होकर उभरेगा।

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download

Latest News

भरोसा रखें, घबराएं नहीं भरोसा रखें, घबराएं नहीं
कुछ लोगों ने जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू कर दी है
सरकार ने घरेलू एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की, कहा- घबराकर बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं
बेंगलूरु अपार्टमेंट्स फेडरेशन ने लोगों से एलपीजी का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की
राहुल गांधी ऊर्जा मुद्दे पर गलत सूचना फैला रहे हैं: गिरिराज सिंह
ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा: नए सर्वोच्च नेता
ईरान ने इजराइल पर बरसाईं बैलिस्टिक मिसाइलें, 60 लोग घायल
'अमेरिका और उसके सहयोगियों को लाभ पहुंचाने वाला कोई भी तेल हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से नहीं गुजरने देंगे'