'मातृछाया' की सदस्याएं करेंगी तीर्थ यात्रा व परमार्थ सेवा का आयोजन

19 से 30 जनवरी तक तीर्थ यात्रा और सेवा कार्यों पर सहमति बनी

'मातृछाया' की सदस्याएं करेंगी तीर्थ यात्रा व परमार्थ सेवा का आयोजन

शंखेश्वर तीर्थ में चल रहे जीवदया के प्रमुख कार्यों में भी सहयोग राशि प्रदान की जाएगी

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। 'मातृछाया' जैन महिला संगठन की एक बैठक शंकरपुरम स्थित 'मातृछाया' के कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में संस्था द्वारा 19 से 30 जनवरी तक तीर्थ यात्रा और सेवा कार्यों का आयोजन करने पर सहमति बनी। 

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इस यात्रा में संस्था की करीब 35 सदस्याएं स्वराशि से शंखेश्वर और पालीताणा सहित 12 से 15 तीर्थ स्थलों की यात्रा करेंगी। अध्यक्ष ललिता नागोरी ने बताया कि तीर्थ यात्रा में साधु-साध्वी के प्रति वैयावच्च, भक्ति और वंदन के साथ तीर्थ स्थलों के दर्शन किए जाएंगे। 

मार्गदर्शिका त्रिशला कोठारी ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करना है, बल्कि परमार्थ सेवाओं को भी बढ़ावा देना है। बाल आश्रम, वृद्धाश्रम और महिलाओं के आश्रमों में सेवा प्रदान करते हुए संस्था जरूरत के अनुसार 11 व 21 हजार रुपए के सहायता राशि के चेक भेंट करेगी। 

सचिव रेशमा बडोला ने बताया कि शंखेश्वर तीर्थ में चल रहे जीवदया के प्रमुख कार्यों में भी सहयोग राशि प्रदान की जाएगी। उपाध्यक्ष पुष्पा बाफना ने बताया कि यात्रा के दौरान साधर्मिकों को भी आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी भक्ति और सेवा को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस बैठक में संस्था की अनेक सदस्याएं उपस्थित थीं।

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