मोदी सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में माहिर है: खरगे

'यह सदी भारत की सदी है और आने वाला दौर भारत का है'

मोदी सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में माहिर है: खरगे

Photo: @kharge X account

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को राजग सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए कहा कि 'एक अकेला' का दंभ भरने वाले प्रधानमंत्री मोदी को जनता ने समझा दिया कि संविधान सब पर भारी है

खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति संसद का सबसे अहम हिस्सा हैं। हम उनका बहुत सम्मान करते हैं। अभिभाषण का कंटेट सरकारी होता है। सरकारी पक्ष को इसे विजन स्टेटमेंट बनाना था। चुनौतियों से कैसे निपटेंगे, यह बताना जरूरी था, लेकिन उसमें ऐसा कोई कंटेंट नहीं है।

खरगे ने कहा कि इस साल राष्ट्रपति का पहला अभिभाषण 31 जनवरी को हुआ था और दूसरा अभिभाषण 27 जून को हुआ। पहला अभिभाषण चुनावी था और दूसरा भी वैसा ही है। इसमें न दिशा है, न कोई विजन है।

खरगे ने कहा कि हमें भरोसा था कि राष्ट्रपति संविधान और लोकतंत्र की चुनौतियों पर कुछ बातें जरूर रखेंगी। सबसे कमजोर तबकों को ठोस संदेश देंगी, लेकिन हमें घोर निराशा हुई कि इसमें गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए कुछ भी नहीं है। पिछली बार की तरह यह सिर्फ तारीफ का पुल बांधने वाला अभिभाषण है।

खरगे ने कहा कि मोदी सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में माहिर है। यह सदी भारत की सदी है और आने वाला दौर भारत का है। इस बात से किसी को इन्कार नहीं हो सकता है, लेकिन 10 साल का हमारा तजुर्बा यह है कि ये सब बातें सिर्फ भाषणों में ही रही हैं। इसका जमीन पर अमल नहीं हुआ है।

खरगे ने कहा कि संविधान ने हमें एडल्ट फ्रैंचाइज़ का अधिकार दिया, लेकिन इस बार चुनाव में मतदान साल 2019 के तुलना में काफी कम हुआ। चुनाव के दौरान ग्रामीण मतदाताओं ने अधिक उत्साह से भाग लिया, इसलिए मैं इनको धन्यवाद देता हूं।

खरगे ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहला चुनाव था, जिसका मुद्दा संविधान की रक्षा करना था। भाजपा ने 400 पार का नारा दिया था। उनके नेताओं ने तो 400 पार होने पर संविधान बदलने की बात भी कही थी। 

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