ईरान के लोगों से रेज़ा पहलवी की अपील- 'अत्याचारी शासन को उखाड़ फेंकें'
'मैं ईरान के पहले आज़ाद शहर में आपके साथ खड़ा होऊंगा'
Photo: @PahlaviReza X account
तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने अपने देश में जारी हालात पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अत्याचारी शासन को उखाड़ फेंकें।
रेज़ा पहलवी ने कहा, 'अमर रक्षक दल के वीर नायको! मैं आपके साहस और आपके बलिदान को सलाम करता हूं। पिछले तीन महीनों में, आप में से हजारों ने, पूरे ईरान में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी समूहों में, अद्भुत वीरता का प्रदर्शन किया है। आपने जो किया है, उसकी कथा सदियों तक सुनाई जाएगी। ईरानी राष्ट्र आपके बलिदान और मातृभूमि की मुक्ति के लिए चुकाई गई कीमत को कभी नहीं भूलेगा, विशेष रूप से 8 और 9 जनवरी को।'रेज़ा पहलवी ने कहा, 'मैंने आपसे कहा था कि मदद रास्ते में है। अब वह मदद पहुंच चुकी है। मैं आपको — ईरान के सबसे बहादुर और समर्पित बेटों और बेटियों को — राष्ट्र की अग्रिम शक्ति के रूप में पुकारता हूं कि हर संभव तरीके से इस्लामी गणराज्य के दमनकारी तंत्र को और कमजोर तथा थका दें, जो अब आसमान से पड़ने वाले भारी प्रहारों के नीचे है, ताकि उसके अंतिम पतन का मार्ग प्रशस्त हो सके।'
रेज़ा पहलवी ने कहा, 'ध्यान रखें कि यह सड़कों पर प्रदर्शन करने का आह्वान नहीं है। यह आप — अमर गार्ड — के लिए एक आह्वान है कि थके-हारे और कमजोर पड़ चुके अत्याचारियों पर समझदारी और प्रभावी तरीके से प्रहार करें, ताकि ईरानी राष्ट्र के लाखों लोगों के सड़कों पर उमड़ पड़ने का रास्ता और अधिक साफ हो सके।'
रेज़ा पहलवी ने कहा, 'साथ ही, अपने जीवन की रक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि अंतिम संघर्ष में आपकी उपस्थिति — उन लाखों ईरानियों की उमड़ती हुई लहर की रक्षा करने के लिए जो अपनी आज़ादी का दावा कर रहे हैं — अत्यंत महत्त्वपूर्ण और अनिवार्य है।'
रेज़ा पहलवी ने कहा, 'आप रोस्तम और कावेह की परंपरा से हैं, और आपके शत्रु ज़ह्हाक जैसे हैं। अच्छाई बनाम बुराई और प्रकाश बनाम अंधकार की इस लड़ाई में आप इतिहास के सही पक्ष पर खड़े हैं, और एक महान राष्ट्र की आशाएं और प्रार्थनाएं आपके साथ हैं।'
रेज़ा पहलवी ने कहा, 'मैं उस दिन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूं, जब मैं ईरान के पहले आज़ाद शहर में आपके साथ खड़ा होऊंगा और हम मिलकर अंतिम विजय को सुनिश्चित करेंगे। ईरान अमर रहे!'


