दपरे: ट्रेनों पर पथराव करना पड़ेगा महंगा, सुरक्षा बलों के जवान रख रहे नजर

रेलवे अधिनियम की धारा 153 एवं 154 के तहत ट्रेनों पर पथराव करना आपराधिक कृत्य है

दपरे: ट्रेनों पर पथराव करना पड़ेगा महंगा, सुरक्षा बलों के जवान रख रहे नजर

पथराव जैसी घटनाओं के बारे में टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (139) पर सूचित किया जा सकता है

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। हाल ही में दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) के कुछ खंडों में चाल्गेरी-कुमारपट्टनम साइडिंग के बीच और चिक्कबनावारा, कुप्पम और धर्मावरम रेलवे स्टेशनों के पास वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं हुई थीं। इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति पर मामला दर्ज किया गया है। रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के जवान ऐसे इलाकों पर नजर रख रहे हैं।

रेलवे अधिनियम की धारा 153 एवं 154 के तहत ट्रेनों पर पथराव करना आपराधिक कृत्य है। कोई भी व्यक्ति, यदि कोई ऐसा गैरकानूनी कार्य करता है या जानबूझकर चूक या उपेक्षा करता है, रेलवे में यात्रा करने वाले या उस पर रहने वाले किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालता है या किसी भी रोलिंग स्टॉक में बाधा डालता है या बाधा डालने का प्रयास करता है, तो उसे रेलवे अधिनियम 1989 की धारा-153 के तहत कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है।

निगरानी बढ़ाने के अलावा, आरपीएफ द्वारा ऐसी घटनाओं वाले स्थानों के साथ-साथ स्कूलों, गांवों आदि को कवर करने वाले पड़ोसी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि शरारती तत्व ट्रेन संचालन की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों से दूर रहें।
 
महाप्रबंधक अरविंद श्रीवास्तव ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि यदि वे अतिक्रमण और पथराव जैसी घटनाओं का सामना करते हैं तो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (139) पर सूचित करें। रेलवे की संपत्ति सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी सुरक्षा हर किसी की जिम्मेदारी है।

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