लोकसभा में गिरा अविश्वास प्रस्ताव

'21वीं सदी का यह कालखंड भारत के लिए हर सपने सिद्ध करने का अवसर देने वाला महत्त्वपूर्ण समय है'

लोकसभा में गिरा अविश्वास प्रस्ताव

प्रधानमंत्री ने कहा कि विधेयकों पर चर्चा में शामिल नहीं होकर विपक्ष ने देश की जनता के साथ विश्वासघात किया है

नई दिल्ली/दक्षिण भारत/भाषा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा में गुरुवार को संबोधन के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ। यह ध्वनिमत से गिर गया है। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने की घोषणा कर दी गई है।

इससे पहले, अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर उस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्षी दलों का यह अविश्वास प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए शुभ होता है।

उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव के जरिए तय हो गया है कि जनता वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और राजग को पहले के सारे रिकॉर्ड तोड़कर बहुमत देगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विधेयकों पर चर्चा में शामिल नहीं होकर विपक्ष ने देश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। 

मोदी ने विपक्ष के पिछले अविश्वास प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा, ‘वर्ष 2018 में मैंने कहा था कि यह अविश्वास प्रस्ताव हमारी सरकार का शक्ति परीक्षण नहीं है, बल्कि उन्हीं (विपक्ष) का परीक्षण है। मतदान हुआ तो विपक्ष के पास जितने वोट थे, उतने वोट भी वो जमा नहीं कर पाए थे।’
    
उन्होंने कहा, ‘जब हम (2019 में) जनता के पास गए, तो जनता ने भी इनके लिए पूरी ताकत के साथ अविश्वास घोषित कर दिया। राजग को भी ज्यादा सीटें मिलीं और भाजपा को भी ज्यादा सीटें मिलीं।’
    
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एक तरह से विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है। आपने तय कर लिया है कि भाजपा और राजग पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़कर सरकार में फिर वापस आएं।’
    
उन्होंने संसद के मौजूदा मानसून सत्र में हुए विधायी कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में आदिवासियों, गरीबों, युवाओं के भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विधेयक पिछले दिनों पारित हुए, लेकिन विपक्ष की रुचि केवल राजनीति में है और उन्होंने इन पर चर्चा में शामिल नहीं होकर जनता से विश्वासघात किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘21वीं सदी का यह कालखंड भारत के लिए हर सपने सिद्ध करने का अवसर देने वाला महत्त्वपूर्ण समय है, इस कालखंड का प्रभाव एक हजार साल तक रहने वाला है।’

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