अजमेर: दरगाह में जियारत के बाद राहुल ने की पुष्कर में पूजा, गोत्र का किया उल्लेख
अजमेर: दरगाह में जियारत के बाद राहुल ने की पुष्कर में पूजा, गोत्र का किया उल्लेख
अजमेर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को राजस्थान विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रचार करने आए। इससे पहले वे अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह गए और जियारत की। फिर पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में जाकर दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। पूजन के दौरान उन्होंने अपने गौत्र का उल्लेख किया। दोनों स्थानों की तस्वीरें सोशल मीडिया में आईं।
अजमेर दरगाह जाते समय राहुल गांधी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और कई कांग्रेसी नेता थे। राहुल ने दरगाह की रस्म के अनुसार वस्त्र से अपना सिर ढक रखा था। वे दरगाह पर चढ़ाने के लिए चादर भी साथ लेकर गए थे। राहुल ने ट्वीट किया था कि वे ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर शीश झुका कर राजस्थान यात्रा की शुरुआत करेंगे।इसके बाद राहुल गांधी पुष्कर गए। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर के दर्शन किए। यहां पंडित ने उनसे पूजा करवाई। पूजन के समय उन्होंने स्वयं को कौल ब्राह्मण और गोत्र दत्तात्रेय बताया। इनके आधार पर पंडित ने पूजा संपन्न कराई। बता दें कि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पिछले दिनों राहुल के गोत्र को लेकर सवाल किए थे। पात्रा ने कहा था, ‘उज्जैन जा रहे राहुल गांधीजी से हम पूछना चाहते हैं कि आप जनेऊधारी हैं? आप कैसे जनेऊधारी हैं, क्या गोत्र है आपका?’
उससे पहले राहुल अपने परिवार को शिवभक्त बता चुके हैं। पुष्कर में पूजन के बाद राहुल गांधी ने एक पत्र पर अपना अनुभव लिखा कि यहां आकर उनका मन प्रसन्न हुआ है। उन्होंने भारत सहित पूरे विश्व में शांति की कामना की। एक रिपोर्ट के अनुसार, पूजा कराने वाले पंडित ने बताया कि राहुल का गोत्र दत्तात्रेय है और वे कश्मीरी ब्राह्मण हैं। ये इलाहाबाद नहर पर रहते थे, इसलिए इनका नाम नेहरू पड़ा।
राहुल का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। चूंकि राजस्थान में 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव हैं। 200 सदस्यीय विधानसभा में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए कांग्रेस और भाजपा खूब जोर लगा रही हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में अजमेर जिले में कांग्रेस की भारी शिकस्त हुई थी। बाद में उपचुनाव में कांग्रेस ने नसीराबाद सीट जीती थी। लोकसभा चुनाव में अजमेर से सचिन पायलट खड़े हुए थे जो हार गए। इस बार कांग्रेस के सामने अपनी खोई जमीन पाने की चुनौती है। वहीं भाजपा सत्ता में दोबारा वापसी के लिए मशक्कत कर रही है।


