पाखंड का खेल कब तक?

'पाणी पीओ छाण, गुरु बणाओ जाण'

पाखंड का खेल कब तक?

पाखंडियों की मौज हो रही है

महाराष्ट्र में कई महिलाओं से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेजे गए एक ढोंगी बाबा के कारनामे जानकर हैरानी होती है। देश में ये कैसे कपटधंधे चल रहे हैं? एक शख्स आस्था के नाम पर वर्षों से जघन्य अपराध करता रहा और लोग उसके चरण छूते रहे! मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) को फोन पर 100 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। हमारे देश में साधु-संतों का बहुत आदर किया जाता है। धर्म और ज्योतिष के ज्ञाता बहुत सम्मान पाते हैं। लोग उनसे मार्गदर्शन लेते हैं। यह अच्छी बात है। समस्या तब पैदा होती है, जब कोई व्यक्ति थोड़ी-सी सफलता मिलते ही खुद को सर्वशक्तिमान समझने लगता है। वह खुद को नियम और नैतिकता से ऊपर मान लेता है। वह मनमानी करने लगता है और देर-सबेर अपयश एवं दंड का भागी बनता है। इसमें कुछ दोष लोगों का भी होता है। वे ईश्वर से ज्यादा ऐसे पाखंडियों पर विश्वास करने लगते हैं। वे अपने कर्म और परिश्रम को एक ओर रखकर इन लोगों की स्तुति को ही भक्ति समझने लगते हैं। राजस्थानी में बहुत मशहूर कहावत है- 'पाणी पीओ छाण, गुरु बणाओ जाण' अर्थात् पानी पीना हो तो उसे पहले छानें, ताकि वह स्वच्छ हो जाए और किसी को गुरु बनाना हो तो उसे पहले जानें, परखें। यदि उसमें उचित गुण पाएं तो ही उसे गुरु स्वीकार करें। जो बड़े-बड़े चमत्कार दिखाने का दावा करे, खुद की शक्तियों का बखान करता फिरे, अपने दम पर कुछ भी कर दिखाने की डींगें हांकता रहे, अनैतिक गतिविधियों में लिप्त रहे और ज्यादा से ज्यादा धन इकट्ठा करने में रुचि ले, उससे दूर रहने में कल्याण है। दुर्भाग्य से, ऐसे पाखंडी व्यक्ति आम जनता को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो जाते हैं।

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लोग उनके जाल में फंसकर बहुत कुछ गंवाते हैं। उनकी आंखें तब खुलती हैं, जब काफी देर हो जाती है। हाल में उत्तर प्रदेश में एक ऐसे ढोंगी शख्स को गिरफ्तार किया गया, जो धनवर्षा कराने का झांसा देता था। उसने कई लोगों से यह कहकर लाखों रुपए ठगे थे कि इससे दुगुनी राशि की वर्षा करा दूंगा। जब लोगों ने उससे रुपए मांगे तो उन्हें भस्म करने की धमकी दी। एक शख्स खुद को कई सिद्धियों का स्वामी बताकर लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करता था। एक दंपति, जो अपनी आर्थिक समस्याओं से बहुत परेशान था, ने उससे संपर्क किया। उस व्यक्ति ने विशेष पूजा के नाम पर हजारों रुपए लिए और गायब हो गया। राजस्थान में एक व्यक्ति अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसे ही दावे करता था। एक महिला ने उससे संपर्क किया। उस व्यक्ति ने सोना-चांदी के सारे जेवरात लाने के लिए कहा। महिला ने जेवरात उसके सामने रख दिए। फिर, उसने प्रसाद के नाम पर कोई नशीली चीज खिलाई और सारा माल लेकर भाग गया। झारखंड में एक व्यक्ति ने भूत-प्रेत का साया दूर करने के नाम पर कई लोगों को लाखों का चूना लगा दिया। इसी तरह, पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति पहले तो कुंडली दोष का भय दिखाता, उसके बाद दोष निवारण के नाम पर रुपए वसूलता था। एक बार उसका सामना ज्योतिष के किसी विद्वान से हुआ। लोगों को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि उस व्यक्ति को ज्योतिष का कोई ज्ञान नहीं था। उसने चार-पांच बातें रट रखी थीं और उन्हें ही थोड़ा-बहुत बदल कर लोगों को अपने जाल में फंसा लेता था। इससे वह हर महीने अच्छी-खासी कमाई करता था। जब तक लोग ईश्वर और अपने परिश्रम के बजाय ऐसे पाखंडियों पर विश्वास करते रहेंगे, इनका धंधा चलता रहेगा। भलाई इसी में है कि लोग इनके झांसे में बिल्कुल न आएं और अपने काम पर ध्यान दें।

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