तृणकां ने मुसलमानों के वोट तो हासिल किए, लेकिन समुदाय के लिए कुछ नहीं किया: ओवैसी

एआईएमआईएम ने एजेयूपी से किया गठबंधन

तृणकां ने मुसलमानों के वोट तो हासिल किए, लेकिन समुदाय के लिए कुछ नहीं किया: ओवैसी

Photo: PartyAIMIM FB Page

कोलकाता/दक्षिण भारत। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा कि तृणकां ने मुसलमानों के वोट तो हासिल किए, लेकिन इस समुदाय के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति ने पश्चिम बंगाल में भाजपा को आगे बढ़ने में मदद की है।

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कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि बंगाल के लोग घुटन महसूस कर रहे हैं। उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की एजेयूपी के साथ हाथ मिला लिया है, ताकि लोगों को वह विकल्प दिया जा सके, जिसकी वे तलाश कर रहे हैं और मुसलमानों के लिए एक स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार किया जा सके।
 
उन्होंने पूछा, 'लगभग 5 लाख ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए। उनमें से कई मुसलमानों के थे। क्या यह कोई मुद्दा नहीं है?'

ओवैसी ने कहा, 'हुमायूं कबीर के साथ हमारा गठबंधन पश्चिम बंगाल में कमज़ोर वर्गों के शोषण को रोकने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से है। हमारा गठबंधन मुसलमानों के राजनीतिक नेतृत्व को मज़बूत करने का भी प्रयास करेगा।'

यह पूछे जाने पर कि क्या पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी की मौजूदगी से भाजपा को मदद मिलेगी, उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में लोग अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं।'

हुमायूं कबीर, जिन्हें मुर्शिदाबाद ज़िले में अपनी प्रस्तावित बाबरी-शैली की मस्जिद को लेकर हुए विवाद के बीच तृणकां से निलंबित कर दिया गया था और जिन्होंने बाद में 'आम जनता उन्नयन पार्टी' बनाई, ने कहा कि यह गठबंधन विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।

उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव में खंडित जनादेश आता है तो यह गठबंधन सरकार गठन में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

बता दें कि 294 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा। मतगणना 4 मई को होगी।

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