उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आएगा, राहत सिर्फ बातों में है: कांग्रेस
पवन खेड़ा ने कहा ...
Photo: IndianNationalCongress FB page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि सरकार द्वारा एक्साइज़ ड्यूटी में की गई कटौती से डीलरों और उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं आएगा और यह राहत सिर्फ बातों तक सीमित है, असलियत में नहीं।
सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया है और डीज़ल को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया है।कांग्रेस ने कहा कि सरकार को 'सुर्खियां बनाने और लोगों को बेवकूफ़ बनाने' के बजाय उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।
पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, 'अगर आपने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 'गिरावट' से जुड़ीं सुर्खियां देखीं और यह सोचा कि सरकार ने आपकी जेब को राहत दी है, तो आप गलत हैं।'
उन्होंने दावा किया कि फिलहाल डीलरों और उपभोक्ताओं, दोनों के लिए कीमतें समान बनी हुई हैं। खेड़ा ने एक्स पर कहा, 'असल में जिस चीज़ में कटौती की गई है, वह है 'विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क' — एक ऐसा शुल्क जो तेल विपणन कंपनियां सरकार को चुकाती हैं। 'विशेष' और 'अतिरिक्त' शब्द ही यह ज़ाहिर करते हैं कि यह कर कितना अनावश्यक है।'
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से ये कंपनियां नुकसान उठा रही हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, 'सरकार अब उस बोझ का केवल एक छोटा सा हिस्सा उठाने पर सहमत हुई है और वह भी 'विशेष अतिरिक्त' लेवी को कम करके और वह भी लगभग एक महीने बाद।'
खेड़ा ने कहा, 'राहत मौजूद तो है, लेकिन सिर्फ़ कहानियों में, हकीकत में नहीं। सुर्खियां बनाने और लोगों को बेवकूफ़ बनाने के बजाय, सरकार को उपभोक्ताओं तक असल राहत पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।'
28 फरवरी को जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू किए, के जवाब में तेहरान ने भी ज़ोरदार कार्रवाई की, तब से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।


