जासूसी मामला: ज्योति मल्होत्रा को अदालत से लगा झटका

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं

जासूसी मामला: ज्योति मल्होत्रा को अदालत से लगा झटका

Photo: @TravelwithJo YouTube Channel

हिसार/दक्षिण भारत। एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ज्योति मल्होत्रा ​​की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसे पिछले महीने जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।

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उसकी जमानत याचिका पर न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) सुनील कुमार ने वकील कुमार मुकेश के माध्यम से सुनवाई की। पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध किया और तर्क दिया कि मामले की जांच चल रही है।

मुकेश ने कहा कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

9 जून को अदालत ने मल्होत्रा ​​की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी थी और मामले की सुनवाई 23 जून को तय की थी।

ज्योति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश हुईं। उसे हिसार पुलिस ने 16 मई को जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया था और अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
 
रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा उससे आगे पूछताछ करने की मांग पर अदालत ने हिरासत अवधि चार दिन के लिए बढ़ा दी।

26 मई को अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। ज्योति ​​एक यूट्यूब चैनल 'ट्रैवल विद जो' चलाती थी। उसे न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ सरकारी गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

हिसार पुलिस ने पहले कहा था कि ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे पता चले कि ज्योति ​​के पास किसी भी सैन्य या रक्षा संबंधी जानकारी तक पहुंच थी। हालांकि उसने दावा किया कि वह कुछ लोगों के संपर्क में थी और उसे पता था कि वे पाकिस्तानी खुफिया एजेंट (पीआईओ) हैं।

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