हाफिज सईद के मनसूबे

हाफिज सईद के मनसूबे

हमारे देश में लगातार आतंकी मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश में जुटे हाफिज सईद के खिलाफ अब कश्मीर में तनाव ब़ढने के लिए हवाला के जरिए उपद्रवियों तक पैसे पहुँचाने की पुष्टि हो गई है। हैरानी की बात तो यह है कि इस बात को कबूलने वाला कोई आतंकी नहीं बल्कि भारत में रहकर पाकिस्तान की बोली बोलने वाले अलगाववादी नेताओं के समूह के प्रमुख सदस्य शाबिर शाह के कबूली है। शाबिर शाह ने अन्वेषण बुरारु द्वारा पूछताछ में कबूला है। मुंबई हमलों का प्रमुख सूत्रधार हाफिज सईद के बारे में जब तब समाचार मिला ही रहता है कि पाकिस्तान की सरकार उस पर कार्यवाही करने जा रही है परंतु ऐसा होता नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के क़डे फैसलों से पाकिस्तान सहम गया है और आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की बात कर रहा है परंतु हाफिज सईद के बारे में जो जानकारी मिलती है उससे पाकिस्तान पर विश्वास करना भूल ही साबित होगा। सच तो यह है कि हाफिज सईद पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है बल्कि उसने नए नाम से आतंकी संगठन बना लिए हैं।पाकिस्तान सरकार में अनेक वरिष्ठ मंत्रियों को यह लगता है कि अगर उन्होंने आतंकवादियों पर किसी भी तरह की कार्यवाही की तो निश्चित रूप से उन्हें दुबारा सत्ता नहीं मिलेगी। पाकिस्तान सरकार ने हाफिज सईद को वर्ष की शुरुआत में ही नजर बंद करने की बात तो कही थी और साथ ही उनके आतंकी संगठन जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध भी लगाया था परंतु जिस तरह की शरण हाफिज सईद को पाकिस्तानी सऱजमीं पर मिल रही है उससे यह सा़फ है कि उन पर किसी भी तरह के प्रतिबन्ध का कोई असर नहीं है। इस बात की पुष्टि शबीर शाह के उस कुबूलनामे से मिलती है जिसमें उसने माना है कि इसी वर्ष जनवरी में उसकी बात ह़फी़ज सईद से ़फोन पर हुई थी और कश्मीर घाटी में अशांति ़फैलाने के लिए पाकिस्तान से उन्हें लगातार पैसे मिलते रहे हैं।यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि हाफिज सईद पहले लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य हुआ करता था। अमेरिका समेत कई देशों ने इस संगठन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया था जिसके बाद पाकिस्तान सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा को जनवरी २००२ को प्रतिबंधित कर दिया था। उसके बाद हाफिज सईद ने जमात-उद-दावा के नाम का नया संगठन बना लिया जिसका मूल उदेश्य भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। अब उसने फिर नए नामों से संगठन बना लिए हैं। उसके खिलाफ जब तक निर्णायक कार्यवाही नहीं होगी तब तक भारत के लिए ह़फी़ज सईद खतरा बना रहेगा।

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