84 घंटे बाद कफ्र्यू में दी दो घंटे की ढील

84 घंटे बाद कफ्र्यू में दी दो घंटे की ढील

जयपुर। जयपुर में हुए बवाल के बाद ८४ घंटों से जारी कफ्र्यू में दो घंटे की ढील दी गई थी। रामगंज थाना इलाके में हुए बवाल में मारे गए युवक आदिल के शव को पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया है। पुलिस के अनुसार हालात धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं।पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल के अनुसार ये ढील दोपहर ३.३० से शाम ५.३० के बीच दी गई थी। ये राहत चारों थाना इलाकों में दी गई है। इस दौरान लोग बाहर आ निकले और उन्होंने जरूरत का सामान खरीद रहे हैं। बाजारों में एक बार फिर से चहल पहल देखने को मिली।गौरतलब है कि सोमवार को उपद्रव में मारे गए आदिल को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए सैंक़डों लोग पहुंचे थे। इसके बाद हालात सामान्य होते नजर आ रहे थे। ऐसे में कफ्र्यू में दो घंटे की छूट दी गई थी। आदिल को दफनाए जाने के बाद अब माना जा रहा है कि हालात सुधरेंगे।ठ्ठुह्द्म फ्ष्ठ घ्रझ्ष्ठ-घ्रझ्ष्ठ झ्द्य द्मज्द्यगौरतलब है कि शुक्रवार देर रात रामगंज में हुए उपद्रव के बाद चार थानों, रामगंज थाना, गलता गेट थाना, माणक चौक थाना और सुभाष चौक थाना में कफ्र्यू लगाया गया था। अब दी गई छूट के दौरान कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि असमाजिक तत्वों पर खास नजर रखी जा रही है। इस दौरान ड्रॉन से भी नजर रखी जा रही है और पुलिस का भारी जाब्ता मौजूद है। इससे किसी भी तरह की आशंका से निपटा जा सके।

कफ्र्यू के दौरान गश्त करते सेना के जवान।

जयपुर उपद्रव में एक नहीं दो जने मरे थे। पुलिस ने दूसरी मौत को दो दिन तक छिपाए रखा, लेकिन सोमवार को ये खुलासा हो गया है। मरनेवाला निःशक्त है, जो ई-रिक्शा चलाता था। उसके परिजन उसे लापता मान रहे थे। जानकारी के अनुसार जयपुर के रामगंज इलाके में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुए तनाव में जयपुर के ब्रह्मपुरी थाना इलाके के शंकर नगर इलाके के रहने वाले निःशक्त २९ वर्षीय रिक्शा चालक भरत कोडवानी की मौत हो गई। बताया गया है कि भरत पिछले तीन दिनों से लापता था, जिसकी तलाश में उसके परिजनों ने रामगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। सोमवार को कफ्र्यू के तीसरे पुलिस भरत के परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद भरत के परिजन सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे थे। मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि उपद्रव वाले दिन से ही भरत गायब था।मृतक के परिजनों ने पुलिस पर उसकी मौत के बारे में जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने जानबूझकर भरत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी। अब भरत के परिजन भी पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कह रहे हैं और उन्होनें भी इस उपद्रव में मारे गए एक अन्य युवक आदिल के परिजनों की तरह ही मुआवजा देने और अन्य चीजों की मांग की है। आज कफ्र्यू के तीन दिन बाद पुलिस ने उसके परिजनों को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए बुलावाया।६५ साल की मां का इकलौता बेटा था भरत जयपुर में कफ्र्यू: इधर पुलिस का कहना है कि मृतक का पोस्टमार्टम कराए बिना पुष्टि नहीं हो पाएगी की उसकी मौत कैसे हुई।भरत का एक पैर खराब है। भरत कोडवानी के चाचा तोलाराम ने बताया कि भरत अपनी ६५ वर्षीय मां का इकलौता बेटा था और रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। भरत के चचेरे भाई कमलेश ने कहा कि उसकी मौत भी पुलिस की फायरिंग में ही हुई है, क्योंकि उपद्रव वाले समय भरत रामगंज में ही सवारी छो़डने गया हुआ था जिसके बाद वो वापस लौटकर ही नहीं आया।भरत के परिजनों ने मांग की है कि उसका पोस्टमार्टम भी मेडिकल बोर्ड द्वारा ही कराया जाए।

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