अस्पतालों में बिस्तरों और ऑक्सीजन की उपलब्धता से संबंधित प्रतिवेदन पर निर्णय ले दिल्ली सरकारः उच्च न्यायालय

अस्पतालों में बिस्तरों और ऑक्सीजन की उपलब्धता से संबंधित प्रतिवेदन पर निर्णय ले दिल्ली सरकारः उच्च न्यायालय

अस्पतालों में बिस्तरों और ऑक्सीजन की उपलब्धता से संबंधित प्रतिवेदन पर निर्णय ले दिल्ली सरकारः उच्च न्यायालय

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

नई दिल्ली/भाषा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जितना जल्दी संभव और व्यवहारिक हो सके उस प्रतिवेदन पर फैसला लेने के लिए कहा है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के सभी अस्पतालों को उनके पास उपलब्ध बिस्तर, ऑक्सीजन सिलिंडर, और वेंटिलेटर की संख्या समय-समय पर प्रमुखता से डिजिटल बोर्ड पर प्रदर्शित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने दिल्ली सरकार को एक नर्सिंग अधिकारी के प्रतिवदेन पर कानून, नियमों, नियामकों और इस मामले के तथ्यों पर लागू होने वाली सरकारी नीति के अनुसार कोई फैसला लेने का निर्देश दिया और जून 2020 में सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों को ध्यान में रखने की हिदायत भी दी।

अदालत ने कहा, जितना जल्दी संभव और व्यवहारिक हो, फैसला लिया जाए। पीठ ने नर्सिंग अधिकारी सिनू जॉन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अस्पतालों द्वारा गंभीर रूप से बीमार रोगियों और तत्काल चिकित्सा के जरूरतमंदों को बिस्तर देने से मना करने के मामले सामने आए हैं।

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