निर्भया मामला: फांसी को लेकर सबसे कम उम्र का कैदी सबसे ज्यादा परेशान

निर्भया मामला: फांसी को लेकर सबसे कम उम्र का कैदी सबसे ज्यादा परेशान

निर्भया मामले में दोषी विनय

नई दिल्ली/भाषा। निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में मृत्युदंड की सजा पाए चार दोषियों में सबसे कम उम्र के विनय शर्मा को तिहाड़ जेल में अपनी कोठरी में सबसे ज्यादा परेशान हाल टहलते हुए देखा जा रहा है। जेल के सूत्रों ने बताया कि 26 वर्षीय कैदी को जेल में नियम तोड़ने के लिए सबसे ज्यादा सजा मिली। चारों कैदियों- विनय, अक्षय, मुकेश और पवन को 22 जनवरी को फांसी की सजा दी जानी तय हुई थी।

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बुधवार को दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि निर्धारित दिन फांसी नहीं दी जा सकेगी क्योंकि चार में से एक दोषी मुकेश ने दया याचिका दायर की है। इनमें से विनय ने जेल में चित्रकला सीखी और सात साल बंद रहने के दौरान उसे जेल के नियम न मानने के लिए 11 बार सजा मिली।

इसी दौरान जेल के नियम तोड़ने के लिए पवन को आठ बार, मुकेश को तीन बार और अक्षय को एक बार सजा मिली।चारों कैदियों को कभी छोटे-मोटे झगड़ों के लिए परिजनों से मिलने के वक्त में कटौती की सजा मिली तो कभी बड़ा झगड़ा और मारपीट करने के लिए उनके बैरक बदल दिए गए।

सूत्रों ने बताया कि जेल अधिकारी कैदियों से रोजाना बातचीत करते हैं ताकि उनके मानसिक स्वास्थ्य का पता चलता रहे।विनय ने 2015 में एक वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था लेकिन वह पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया। मुकेश, पवन और अक्षय ने 2016 में कक्षा दस में प्रवेश लिया था लेकिन कोई भी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाया था।

इन कैदियों ने जेल में की गई कमाई का लाभ लेने के लिए किसी को नामित नहीं किया है। जेल सूत्रों ने बताया कि अगर वे किसी को नामित नहीं करते हैं तो पैसा कैदियों के परिजनों को दे दिया जाएगा। विनय ने जेल में काम करके 39,000 रुपए कमाए, अक्षय ने 69,000 रुपए कमाए और पवन ने 29,000 रुपए कमाई की। जेल सूत्रों ने कहा कि मुकेश ने जेल में रहते कोई काम नहीं किया।

अधिकारियों ने कैदियों से पूछा कि क्या वे मृत्युदंड पाने से पहले अंतिम बार अपने परिजनों से मिलना चाहते हैं। इस पर अभी तक कैदियों ने कोई जवाब नहीं दिया है। चारों दोषियों को सप्ताह में दो बार अपने घरवालों से मिलने की अनुमति दी जाती है। विनय के पिता मंगलवार को उससे मिलने आए थे जबकि मुकेश की मां भी उससे मिलने आती रहती है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पवन के परिवारवाले भी उससे मिलने आते रहे हैं और आखिरी बार वे सात जनवरी को मिलने आए थे। लेकिन अक्षय की बीवी उससे पिछले साल नवंबर में मिलने आई थी और फांसी की सजा की तारीख घोषित होने के बाद से उसके परिवार का कोई भी सदस्य उससे मिलने नहीं आया है।हालांकि वह फोन पर अपनी पत्नी से नियमित रूप से बात करता है। जेल अधिकारी ने यह जानकारी दी।

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