भारी बरसात से पाली, जालौर और सिरोही में बाढ़ के हालात गंभीर
भारी बरसात से पाली, जालौर और सिरोही में बाढ़ के हालात गंभीर
पाली/जालोर/सिरोही। राजस्थान में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जालोर, पाली और सिरोही में बा़ढ के हालात पैदा हो गए हैं। बचाव दल वहां फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई है।मौसम विभाग ने दक्षिण पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है।राजस्थान के आपदा राहत मंत्री गुलाब चंद कटारिया के अनुसार सिरोही, जालोर और पाली में मूसलाधार बारिश होने के कारण हालत गंभीर बन हुए हैं। जालोर और पाली में फंसे हुए लोगों को हेलीकॉप्टर से निकालने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन बादल काफी नीचे होने के कारण हेलीकॉप्टर उ़डान नहीं भर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जालोर और पाली में मूसलाधार बारिश के कारण पानी भर गया है। जालोर में छोटे बांधों के टूटने की सूचना है। एनडीआरएफ और जिला प्रशासन बचाव कार्य में जुटे हैं।कटारिया ने कहा कि बाढ प्रभावित तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होते ही हेलीकॉप्टर वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए उ़डान भरेंगे।मंत्री ने कहा कि माउंट आबू, सांचोर समेत अन्य कई स्थानों पर तीन सौ मिलीमीटर तक बारिश हो गई है। कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है। उन्होंने कहा कि ब़डी संख्या में लोग फंसे हुए हैं।उदयपुर जिले के खेरवा़डा थानाधिकारी रतन सिंह के अनुसार एक पुलिया को पार करते समय तेज बहाव में एक जीप के बह जाने से उसमें सवार बडला गांव निवासी विमला मीणा (३०) और उसकी पुत्री जशोदा (७) की मौत हो गई, जबकि चालक समेत दो लोगों को बचा लिया गया।सिरोही के जिलाधिकारी संदेश नायक के अनुसार जिन इलाकों में पानी भर गया है, वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है और खाने के पैकेट दिए गए हैं।जालौर के उपखंड अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण पहा़डी इलाकों में अचानक पानी आने से सियाना, आकोली ताथू और ददानी में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास जारी है। बेटाला और आकाली से दो-दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।इसबीच मौसम विभाग के अनुसार सोमवार सुबह तक जयपुर में ६५ मिलीमीटर, बाडमेर ४०.४ मिलीमीटर, डबोक ३३.१ मिलीमीटर, बूंदी ३०, भीलवा़डा २०.२ मिलीमीटर, जोधपुर शहर १० मिलीमीटर, वनस्थली ७.१ मिलीमीटर, पिलानी ६.३ मिलीमीटर, सवाईमाधोपुर में पांच मिलीमीटर, अजमेर ३.८ मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरूण जैन ने बताया कि जोधपुर मण्डल के भीलडी-समदडी रेलखंड में भारी बारिश के कारण ट्रेक के नीचे पानी भर जाने के कारण रेल यातायात प्रभावित हुआ है। गाडी संख्या ७४८४१ जोधपुर-भीलडी रेलसेवा को जालौर तक संचालित की जाएगी। यह रेलसेवा जालौर-भीलडी के बीच आंशिक रूप से रद्द की गई है। गाडी संख्या ७४८४२ भीलडी-जोधपुर को भीलडी जालौर के बीच आंशिक रद्द किया गया है।ॅद्मठ्ठर्ृय्द्यॅर्ड्डैं प् ब्ष्ठध्र्·र्ैंय्स्र्रट्टद्य द्मष्ठ द्बह्घ्य्श्च फ्ैंद्नय्ध्य्पाली में एनडीआरएफ व हेलीकॉप्टर ने मोर्चा संभाला है। यहां पाली के जयपुर-अहमदाबाद हाईवे स्थित ढोला गांव में तालाब फटने से बा़ढ आ गई। ढोला में चारों तरफ पानी ही पानी हो गया है। गांव में तीन मकान ढह गए हैं। एक की पानी में डूबने से मौत की खबर है हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। गांव में पानी का तेज बहाव होने के कारण राहत और बचाव का काम नहीं हो पाया है। मरने वाले की भी तलाश की जा रही है।वहीं ढोला में एक मकान की छत पर फंसे पति-पत्नी को बचाने जब हैलिकॉप्टर को मौके पर पहुंचा तो उन्होंने बैठने से मना कर दिया। उनका कहना था की हमे नांव के जरिए ही यहां से निकालो।माउंट आबू के चंडेला गांव में बकरियों को लेकर जा रहा एक बुजुर्ग बरसाती झरने में बह गया है। हादसा उस वक्त हुआ जब ५० साल के गोवा चमना गरसिया झरने में फंसी बकरियों को निकालने की कोशिश कर रहे थे। फिल्हाल रेसक्यू ऑपरेशन जारी है। रास्ता बंद होने से रेसक्यू में परेशानी आ रही है।ज्द्भझ्रुद्य द्बष्ठ्र द्नर् त्रष्ठज् द्धय्यद्यप्रय्बारिश से जयपुर में चौमू हाउस सर्किल पर स़डक का हिस्सा धंस गया। जयपुर में भी बीती रात से बारिश का दौर जारी है। शहर के अधिकतर इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। यहां रविवार को एक दिन में ढाई इंच तक पानी गिरा।ज्प्य्ंश्च द्धय्ैंथ् द्बष्ठ्र झ्य्द्मर् ूु र्ड्डैंर्ट्ट फ्ष्ठ झ्य्द्यपाली जिले में हो रही जोरदार बारिश के कारण जोधपुर संभाग के सबसे ब़डे जवाई बांध में लगातार पानी की आवक हो रही है। जवाई बांध का जलस्तर सोमवार सुबह तक ५३ फीट हो चुका था। ६२ फीट भराव क्षमता वाले इस बांध में पानी की भरपूर आवक से पाली के लोगों के चेहरे खिल उठे है। जोधपुर शहर में तीन दिन से रोज बारिश हो रही है। सोमवार सुबह से शहर में दो बार जोरदार बारिश होने से स़डकों पर पानी बहना शुरू हो गया।


