सर्जिकल स्ट्राइक पर तंज भरे लहजे में पूछा सवाल तो बोलीं रक्षामंत्री- ‘मुझे हिंदी आती है’
सर्जिकल स्ट्राइक पर तंज भरे लहजे में पूछा सवाल तो बोलीं रक्षामंत्री- ‘मुझे हिंदी आती है’
भोपाल। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से एक प्रेस वार्ता में पत्रकार ने तंज भरे लहजे में सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल किया। इस पर रक्षामंत्री ने कहा कि उन्हें हिंदी समझ में आती है और आपकी बात से दुख पहुंचा है। भोपाल के भाजपा मीडिया सेंटर में शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से एक पत्रकार ने पूछा था कि क्यों दो साल बाद राजग सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर बीन बजा रहा है।
इस पर रक्षामंत्री ने कहा कि पत्रकार का लहजा और उसमें छुपा तंज उन्हें समझ में आता है, क्योंकि वे हिंदी जानती हैं। उन्होंने पत्रकार को जवाब देते हुए कहा, आपने जिस लहजे में सवाल किया है, उससे दुख हुआ। मुझे हिंदी समझ में आती है। आपने जिस ‘बीन बजाने’ शब्द का इस्तेमाल किया है, मैं उसका भी मतलब समझती हूं।पत्रकार ने निर्मला सीतारमण से सवाल पूछा था कि क्या सर्जिकल स्ट्राइक को सार्वजनिक करना जरूरी था। क्या ऐसा करना सैनिकों के हित में था? क्या इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने कभी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की? इसके जवाब में रक्षामंत्री ने कहा कि हर नागरिक को इस पर गर्व होना चाहिए।
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा, क्या दुश्मन को माकूल जवाब देने पर हमें शर्मिंदा होना चाहिए? रक्षामंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन करते हुए कहा कि आतंकवादियों की मदद से हमारे ऊपर हमला किया गया तो हमने उनके आतंकवादी कैंप को निशाना बनाया।
इस मौके पर रक्षामंत्री ने राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सलाह दी कि वे खरीद प्रक्रिया के संबंध में संप्रग सरकार के दौरान रक्षामंत्री रहे एके एंटोनी से संपर्क करने के बाद चर्चा करें। उन्होंने कहा कि इससे राहुल की गलतफहमी दूर होगी। बता दें कि राहुल गांधी मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान राफेल का मुद्दा उठाते रहे हैं।
रक्षामंत्री ने कहा कि राहुल का इरादा राफेल सौदे पर लोगों को गुमराह करने का है। इसलिए जहां भी जाते हैं, लोगों को गुमराह करने के लिए यह मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल के कहने पर जनता गुमराह नहीं होगी। रक्षामंत्री ने बताया कि सौदे में पर्याप्त पारदर्शिता बरती गई, जो पूर्ववर्ती सरकार के दौरान नहीं बरती जाती थी। सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस यह बात अच्छी तरह से जानती है, लेकिन लोगों को गुमराह करने के लिए इसे उठा रही है।


