'ईरान के साथ हो रही बातचीत' - ट्रंप के दावे पर ईरान की खरी-खरी

ईरानी मीडिया कर रहा इससे इन्कार

'ईरान के साथ हो रही बातचीत' - ट्रंप के दावे पर ईरान की खरी-खरी

Photo: WhiteHouse FB Page

तेहरान/दक्षिण भारत। ईरानी मीडिया ने अमेरिका-इजराइल के साथ युद्ध के बीच तेहरान और वॉशिंगटन के बीच किसी भी बातचीत से इन्कार किया है। उसने एक जानकार सूत्र के हवाले से यह बात कही है। उसने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस्लामिक गणराज्य की कड़ी जवाबी कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी धमकी से कदम पीछे खींच लिए हैं।

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ईरानी मीडिया से बात करते हुए, एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हमलों के संबंध में ईरान से मिली सैन्य चेतावनी के कारण ट्रंप पीछे हट गए हैं। सूत्र ने बताया कि वित्तीय बाजारों के दबाव और अमेरिका तथा पश्चिमी देशों के भीतर बॉण्ड पर मंडराते खतरों में वृद्धि हुई है। इसे ट्रंप के पीछे हटने का एक और अहम कारण बताया है।

अधिकारी ने बताया कि युद्ध की शुरुआत से लेकर आज तक, कई मध्यस्थों के ज़रिए तेहरान को संदेश भेजे गए हैं, जिनका स्पष्ट जवाब यही रहा है कि ईरान तब तक अपना बचाव करता रहेगा, जब तक वह ज़रूरी प्रतिरोधक क्षमता हासिल नहीं कर लेता।
 
सूत्र ने ज़ोर देकर कहा कि कोई बातचीत न तो चल रही है और न ही हुई है। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा मनोवैज्ञानिक युद्ध की स्थिति को देखते हुए, न तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य युद्ध-पूर्व की स्थिति में लौटेगा और न ही ऊर्जा बाज़ारों में स्थिरता आएगी। 
 
एक अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रंप का पांच-दिन का अल्टीमेटम, ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिकी शासन के अपराधों के कार्यक्रम को जारी रखने का संकेत है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी जवाबी कार्रवाई और देश की व्यापक रक्षा जारी रखेगा।

बता दें कि सोमवार को 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि 'पिछले दो दिनों में, अमेरिका और ईरान के बीच मध्य-पूर्व में हमारी शत्रुता के पूर्ण और समग्र समाधान को लेकर बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है।'

ट्रंप ने कहा, 'इन गहन, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत के मिजाज और लहजे के आधार पर — जो पूरे हफ़्ते जारी रहेंगी — मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वह ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दे। यह फैसला जारी बैठकों और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा।'

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