अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा
92.00 का अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया
वैश्विक बाजारों में सतर्क माहौल के कारण रुपए पर दबाव बना
मुंबई/दक्षिण भारत। रुपए ने गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.00 का अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया। स्थिर डॉलर मांग और वैश्विक बाजारों में सतर्क माहौल के कारण रुपए पर दबाव बना रहा।
फॉरेक्स कारोबारियों के अनुसार, फेडरल रिज़र्व (फेड) द्वारा साल 2026 की अपनी पहली मौद्रिक नीति बैठक के अंत में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की घोषणा के बाद डॉलर सूचकांक के साढ़े चार साल के निचले स्तर से उछलने के कारण रुपया कमजोर हुआ।इसके अलावा, बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ा दिया है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना हुआ है।
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 91.95 पर खुला और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92 पर कारोबार करता देखा गया। महीने के अंत में डॉलर की बढ़ी हुई मांग के बीच यह अपने पिछले बंद स्तर से 1 पैसा कमजोर रहा।
बुधवार को रुपया 31 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले बंद स्तर 91.99 पर पहुंच गया। 23 जनवरी को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दिन के कारोबार के दौरान अब तक के सबसे निचले स्तर 92 तक गिर गया था।
एक विशेषज्ञ ने कहा, 'इस लगातार हो रहे पूंजी बहाव ने डॉलर की मांग को उच्च बनाए रखा है। तेल की कीमतें इस सप्ताह 4 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं और तीसरे लगातार सत्र में तेजी जारी रखते हुए सितंबर के अंत के स्तर तक पहुंच गई हैं। यह वृद्धि अमेरिकी चेतावनियों के बाद आई है कि अगर ईरान न्यूक्लियर समझौते तक नहीं पहुंचता है तो सैन्य कार्रवाई की आशंका हो सकती है, जिससे आपूर्ति में व्यवधान की चिंता बढ़ गई है।'
तेल आयातक के रूप में भारत कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बना हुआ है।


