प्रकृति के साथ संतुलित और सामंजस्यपूर्ण संबंध का संदेश देता है पोंगल: प्रधानमंत्री
'यह उत्सव किसानों की मेहनत का सम्मान करता है'
Photo: narendramodi FB Page Live
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पोंगल, जो प्रकृति के साथ संतुलित और सामंजस्यपूर्ण संबंध बनाए रखने का संदेश देता है, एक वैश्विक उत्सव के रूप में उभरकर तमिल लोगों द्वारा दुनियाभर में मनाया जाने वाला पर्व बन गया है।
केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर पोंगल समारोहों में भाग लेते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उत्सव किसानों की मेहनत का सम्मान करता है और भूमि तथा सूर्य के प्रति आभार व्यक्त करता है।मोदी ने कहा, 'पोंगल का त्योहार हमें याद दिलाता है कि आभार केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए। जब पृथ्वी हमें इतना कुछ देती है, तो इसे संजोना और सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।
समारोहों में केंद्रीय मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनियाभर में तमिल समुदाय और जो लोग तमिल संस्कृति को संजोते हैं, वे पोंगल को बड़ी उत्सुकता के साथ मनाते हैं, और उन्हें इनके बीच होने पर गर्व है।
मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और यह सदियों के ज्ञान और परंपराओं को समेटे हुए है, जो इतिहास से सबक लेकर भविष्य की दिशा दिखाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'इस विरासत से प्रेरित होकर, आज का भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से शक्ति प्राप्त करता है और आगे बढ़ता है। पोंगल के इस शुभ अवसर पर, हम उस विश्वास और एकता की भावना को महसूस करते हैं जो भारत को आगे बढ़ा रही है, और यह अपनी संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है तथा अपनी भूमि के प्रति अत्यंत सम्मान रखती है।'
मोदी ने यह भी कहा कि पोंगल का त्योहार प्रकृति, परिवार और समाज के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाए रखने के महत्त्व को रेखांकित करता है।
तमिल और अंग्रेजी में लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि पोंगल उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का भी अवसर है, जो अपनी मेहनत से हमारे जीवन को समृद्ध करते हैं।


