मल्लिकार्जुन खरगे ने मनरेगा को हटाने के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर अभियान का आह्वान किया
उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की
Photo: @kharge X account
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कहा कि मनरेगा को रद्द करने के खिलाफ एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान जरूरी है। उन्होंने तीन कृषि कानूनों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार को उनके जोरदार विरोध के बाद आखिरकार उन्हें रद्द करना पड़ा था।
यहां कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में बोलते हुए, खरगे ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की 'सुनियोजित साजिश' है।उन्होंने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकार गंभीर खतरे में हैं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा यूपीए सरकार का दूरदर्शी कानून था, जिसे दुनियाभर में सराहा गया। उस योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर इसलिए रखा गया क्योंकि इसका व्यापक प्रभाव पड़ा।
उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार ने बिना किसी अध्ययन, मूल्यांकन या राज्यों और राजनीतिक दलों से परामर्श किए इस कानून को रद्द कर दिया। यह ठीक वैसा ही है जैसे उन्होंने (तीन) कृषि कानूनों के साथ किया था।'
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इसके खिलाफ एक राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम का पूरे देश में विरोध किया जाना चाहिए। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने भूमि अधिग्रहण कानून में किए गए संशोधनों का हवाला दिया, जिन्हें वापस लिया गया था।
उन्होंने कहा, 'मनरेगा पर ठोस योजनाएं बनाना और राष्ट्रीय स्तर पर जन अभियान शुरू करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।'


