प्रमुख स्‍वामी महाराज के जन्‍म शताब्‍दी समारोह में दिया जाएगा अध्यात्म और संस्कृति का दिव्य संदेश

जन्म शताब्दी महोत्सव 15 दिसंबर, 2022 से 15 जनवरी, 2023 तक मनाया जाएगा।

प्रमुख स्‍वामी महाराज के जन्‍म शताब्‍दी समारोह में दिया जाएगा अध्यात्म और संस्कृति का दिव्य संदेश

इसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आएंगे

अहमदाबाद/दक्षिण भारत। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख स्‍वामीजी महाराज के जन्‍म के 100 साल पूरे होने पर अहमदाबाद में भव्य जन्‍म शताब्‍दी समारोह होगा। संस्था ने बताया कि जन्म शताब्दी महोत्सव 15 दिसंबर, 2022 से 15 जनवरी, 2023 तक मनाया जाएगा। इसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आएंगे। 

महाराज के मानव उत्‍थान अभियान से करोड़ों लोगों में चेतना और संस्कारों का प्रसार हुआ है। यह आयोजन अधिकाधिक लोगों के जीवन को सफल बनाने के लिए ​होगा। संस्था ने बताया कि प्रमुख स्वामीजी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी महंत स्वामीजी नम्रता और धर्मपरायणता से सुशोभित हैं। इस भव्य आयोजन में श्रद्धालु उनसे प्रेरणा प्राप्त करेंगे।

20,000 सेवादार 

आयोजन के लिए जरूरी तैयारियों में करीब 20,000 सेवादार लगे हुए हैं। इसके लिए निर्माण, बिजली, पानी, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता आदि 45 विभाग बनाए गए हैं, जिनका जिम्मा सेवादारों को सौंपा गया है। आयोजन स्थल करीब 600 एकड़ में फैला है। यह अहमदाबाद के पश्चिमी छोर पर सरदार पटेल रिंग रोड पर है। यहां प्रमुख स्वामी महाराज नगर बनाया गया है।

आकर्षक कलाकृतियां

इस नगर को कलात्मक प्रवेश द्वार, प्रेरक प्रदर्शनियों, विशाल मंदिर समेत कई आकर्षक कलाकृतियों से भव्य बनाया गया है। यहां बालनगरी, सभागार, ज्योति उद्यान, लाइट एडं साउंड शो आदि दिव्य अनुभव कराएंगे। 

इसका प्रवेश द्वार 280 फीट चौड़ा और 51 फीट ऊंचा है, जिसे देखकर भारत की महान संस्कृति और संतों का स्मरण होता है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाया गया है। इसके अलावा नगर में प्रवेश के लिए छह और बड़े द्वारों का निर्माण किया गया है।

swami maharaj 2

भव्य स्मारक प्रतिमा के दर्शन

श्रद्धालु नगर में प्रविष्ट होते ही प्रमुख स्वामीजी महाराज की भव्य स्मारक प्रतिमा के दर्शन करेंगे। यह प्रतिमा कुल 45 फीट ऊंची है। यहां श्रद्धालु उनके दर्शन के साथ ही महान आदर्शों का स्मरण करेंगे। 

आदर्शों की प्रेरणा

इसके अलावा, जब श्रद्धालु नगर के बीच में पहुंचेंगे तो यहां वे अक्षरधाम मंदिर (दिल्ली) की 67 फीट ऊंची प्रतिकृति के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में देवी-देवताओं के दिव्य स्वरूपों के दर्शन होंगे। वहीं, मार्ग के दोनों ओर पांच-पांच प्रदर्शन खंडों की संरचना होगी। यहां प्रदर्शनी हॉल का निर्माण कराया गया है, जिनके नाम सहजानंद, मुक्तानंद, नित्यानंद, भारतानंद और परमानंद के नाम पर रखे गए हैं। इनसे श्रद्धालुओं को शांति, जीवन निर्माण, सेवा और नशामुक्ति जैसे आदर्शों की प्रेरणा मिलेगी।

संस्कारों का निर्माण

नगर में बच्चों के लिए बालनगरी का निर्माण किया गया है, जिसका संचालन बाल स्‍वयंसेवकों को सौंपा गया है। यह 17 एकड़ में फैली हुई है। यहां बच्चों को आदर्श एवं सफल नागरिक बनना सिखाया जाएगा। इसमें तीन बड़े खंड होंगे। इनमें क्रमश: अभिभावकों के प्रति आदरभाव, प्रार्थना एवं पुरुषार्थ से सफलता, आध्यात्मिक शिक्षा पर बल दिया जाएगा। 

प्रेरक प्रवचन

नगर में यज्ञपुरुष सभागार बनाया गया है। यहां प्रेरक प्रवचन होंगे। साथ ही भक्तिमय एवं प्रेरणास्पद कार्यक्रम भी होंगे। हर शाम 'परम आनंद' लाइट एंड साउंड शो होगा। नगर का एक और आकर्षण ज्योति उद्यान है, जो रात को सुनहरी रोशनी से मंत्रमुग्ध कर देगा।

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