कु मारस्वामी ने ऋण माफी की घोषणा के लिए मांगी 15 दिनों की मोहलत

कु मारस्वामी ने ऋण माफी की घोषणा के लिए मांगी 15 दिनों की मोहलत

बेंगलूरु/दक्षिण भारत मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वह फसल ऋण माफी का वादा पूरा करने के लिए राज्य सरकार को १५ दिनों का वक्त देंय उन्होंने चुनाव के पूर्व जनता दल (एस) के घोषणापत्र में मुख्यमंत्री बनने के २४ घंटों के अंदर किसानों के फसल ऋण माफ करने का वादा किया था। मंगलवार को यहां इस विषय पर किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और विकासशील किसानों के साथ बातचीत में कहा कि किसानों का ऋण एक ही बार में माफ कर देना मुश्किल है। राज्य की गठबंधन सरकार की अगुवाई कर रहा जनता दल (एस) अपना यह वादा विभिन्न चरणों में पूरा करेगा। इसके साथ ही उन्होंने किसान प्रतिनिधियो के सामने किसानों का फसल ऋण माफ करने के लिए एक चरणबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत की और वादा किया कि किसानों के किसी भी संकट की स्थिति में उनकी सरकार किसानों का साथ नहीं छो़डेगी। गठबंधन सरकार पूर्व की किसी भी सरकार से अधिक किसान हितैषी साबित होगी। कुमारस्वामी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी किसानों की मदद में काफी दिलचस्पी जताई है। खास तौर पर किसानों की आर्थिक-वित्तीय समस्याएं दूर करने के लिए उन्होंने गंभीर चिंता भी दिखाई। उन्होंने कहा कि जल्दी ही वह राष्ट्रीयकृत बैंकों और सहकारी क्षेत्रों के बैंकों के अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऋण माफी के बारे में बातचीत करने जा रहे हैं्। इससे उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि किस राष्ट्रीयकृत बैंक से किसानों ने कितना कर्ज ले रखा है। राज्य सरकार चाहती है कि फसल कर्ज माफी की सुविधा का किसान दुरुपयोग न करें्। किसानों को इस प्रकार से बर्ताव करना चाहिए कि वह जरूरत प़डने पर फसल ऋण के लिए दोबारा बैंकों के दरवाजे पर जा सकें।कुमारस्वामी ने कहा कि वह किसानों की समस्याओं को जानने-समझने और उनका समाधान तलाशने के लिए हर महीने किसानों के साथ बातचीत करेंगे। खास तौर पर किसानों के लिए लागू की जानेवाली राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा लेने में किसानों की राह में आनेवाली समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ आज की बैठक में राज्य भर के ३० जिलों से आए किसान प्रतिनिधियों ने शिरकत की। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन उनके स्थान पर भाजपा विधायक दल के उप नेता गोविंद करजोल बैठक में शामिल हुए्। वहीं, उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. जी. परमेश्वर भी बैठक में शरीक हुए्। बैठक के दौरान अपनी बात कुमारस्वामी के सामने रखते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ऋण माफी देने के मुद्दे का राजनीतिकरण न करे। राज्य के किसान बार-बार सूखे के हालात के शिकार हो रहे हैं्। उन्हें किसी की मदद चाहिए्। किसानों की सहायता कर राज्य सरकार कर्नाटक के खेती से जु़डे अर्थतंत्र की सेहत दुरुस्त करने में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर सकती है। इससे राज्य के आर्थिक विकास की गति भी ब़ढाई जा सकती है। वहीं, गोविंद करजोल ने राज्य सरकार से मांग की कि वह बिना देरी किए किसानों के ऋण माफ करने की घोषणा करे। उन्होंने कृष्णा नदी के जल विवाद का भी जल्दी से जल्दी निपटारा करने की मांग की ताकि राज्य को कृष्णा नदी से अपने हक का १५० टीएमसी फीट अतिरिक्त पानी हासिल करने में सफलता मिल सके। उन्होंने सरकार से मांग की कि अपर कृष्णा सिंचाई परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। इससे उत्तर कर्नाटक क्षेत्र में कृषि आर्थिकी को रफ्तार मिलेगी। कुमारस्वामी ने किसान प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अपने शुरुआती भाषण में कहा कि किसानों के हितों की रक्षा चरणबद्ध ढंग से ही की जा सकती है। उन्होंने अनुरोध किया कि किसान समुदाय किसी भी बात से न घबराए। राज्य सरकार को किसानों के साथ ही शहरी व ग्रामीण विकास पर भी ध्यान देना प़डता है। किसानों के हितों की रक्षा करते हुए सरकार को वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखना होगा। आज की इस बैठक में राज्य की मुख्य सचिव के रत्नप्रभा के साथ ही अतिरिक्त मुख्य सचिव टीएम विजयभास्कर, डीवी प्रसाद और एम लक्ष्मीनारायण शामिल थे। कुमारस्वामी ने इन अधिकारियों की मौजूदगी में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऋण माफी योजना के प्रथम चरण में छोटे और हाशिए के किसानों की मदद करेगी। इन किसानों द्वारा लिया गया सिर्फ वही ऋण माफ किया जाएगा, जिसका प्रयोग फसल उत्पादन के लिया किया गया था। इस विषय में राज्य सरकार आगामी १५ दिनों में औपचारिक घोषणा करेगी। दूसरे चरण की ऋण माफी योजना से पूर्व किसानों के ऋणों का सावधानी के साथ अध्ययन करने के बाद ही ऋण माफी की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि छोटे और हाशिए के किसानों द्वारा लिया गया हर प्रकार का फसल कर्ज माफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही जो़डा कि उनकी सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए कर्ज माफी योजना को लागू करेगी।

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