जांच को लेकर गौरी के भाई और बहन की राय अलग

जांच को लेकर गौरी के भाई और बहन की राय अलग

बेंगलूरु। पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश का सोमवार को ५६वां जन्मदिन था, जिनकी गत वर्ष ५ सितम्बर को यहां हत्या कर दी गई थी। इस दौरान गौरी लंकेश के हत्यारों को पक़डने और हत्या के उद्देश्य का पता लगाने के लिए एसआईटी जांच पर उनके भाई और बहन में मतभेद उभरकर सामने आया। गौरी की बहन कविता ने जहां विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पर विश्वास जताया, वहीं उनके भाई इंद्रजीत ने कहा कि वह सीबीआई जांच के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।इंद्रजीत ने संवाददाताओं से कहा, आज गौरी का जन्मदिन है, अब करीब पांच महीने हो चुके हैं। जांच एक ही जगह रूकी हुई है। मेरा निजी तौर पर मानना है कि राजनीतिक रूप से यह (जांच) एकतरफा जा रही है। इंद्रजीत ने कहा कि उन्होंने सीबीआई जांच की मांग को लेकर उच्च न्यायालय जाने का निर्णय किया है क्योंकि वह एक निष्पक्ष जांच चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि एसआईटी पर राजनीतिक दबाव है। उन्होंने कहा, आज मैंने एक निर्णय किया है। मैंने अपने वकील से भी बात की है। बहुत जल्द मैं सीबीआई जांच की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाऊंगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पांच महीने एसआईटी ने अपना काम कर दिया है। यद्यपि कहीं न कहीं मैं महसूस करता हूं कि राजनीतिक दबाव के चलते वे एक विशेष कोण से जांच कर रहे हैं। इंद्रजीत ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए किया है क्योंकि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जांच सभी कोणों से हो ताकि गौरी के असली हत्यारे पक़डे जाएं और हत्या की असली वजह का पता चले।ं़त्त्श्नज्र्‍त्र द्मष्ठ ्यफ्सद्यय्द्बस्द्भय् फ्द्य·र्ैंय्द्य झ्श्नय्द्भह्यज्त्र ·र्ैंय्द्भश्च·र्श्नैंद्ब द्धत्रय्द्भय्कविता ने इससे अलग राय व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईटी जांच में अच्छी प्रगति हुई है और वह एजेंसी पर भरोसा करती हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने महीने भर का समय मांगा था और वे जांच की प्रगति के बारे में उन्हें और उनकी मांग को अद्यतन कर रहे हैं। गौरी के जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवाणी, अभिनेता प्रकाश राज, जेएनयू छात्र नेता कन्हैया कुमार, शेहला राशिद और उमर खालिद एवं अन्य मौजूद थे। हालांकि इंद्रजीत ने कार्यक्रम को मुख्यमंत्री सिद्दरामैया द्वारा प्रायोजित करार दिया, यद्यपि सिद्दरामैया इसमें मौजूद नहीं थे। कविता ने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन गौरी मेमोरियल ट्रस्ट ने किया था और सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है।

Google News
Tags:

About The Author

Post Comment

Comment List

Advertisement

Latest News

पहले की सरकारें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जरूरतों को टुकड़ों में देखती थीं: मोदी पहले की सरकारें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जरूरतों को टुकड़ों में देखती थीं: मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में दूध उत्पादन में करीब 60 प्रतिशत वृद्धि हुई है
ईडी ने अरविंद केजरीवाल को नया समन जारी किया
सीबीआई ने सत्यपाल मलिक के परिसरों सहित 30 से अधिक स्थानों पर छापे मारे
निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा कर एक शख्स से 1.19 करोड़ रु. ठगे
नशे की प्रवृत्ति पर लगाम जरूरी
कर्नाटक सरकार ने अधिवक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी पर उप-निरीक्षक को निलंबित किया
'हार रहे उम्मीदवारों को जिताया' ... पाक के चुनावों में 'धांधली' के आरोपों पर क्या बोला अमेरिका?