पलानीस्वामी ने भाजपा के साथ गठबंधन के दिए संकेत

पलानीस्वामी ने भाजपा के साथ गठबंधन के दिए संकेत

चेन्नई। मुख्यमंत्री ईडाप्पाडी के पलानीस्वामी ने शनिवार को इस बात के संकेत दिए कि राज्य में नवम्बर महीने में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) केन्द्र की सत्तारुढ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन कर सकती है। वेल्लूर जाने के क्रम में कांचीपुरम में पत्रकारों से बातचीत मेंे उन्होंने कहा कि इस बारे में स्थानीय निकाय चुनाव की तिथि घोषित करने के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री वेल्लूर में अन्नाद्रमुक के संस्थापक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन के जन्मशताब्दी समारोह में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे।मुख्यमंत्री के साथ ही राज्य के दुग्ध एवं डेयरी विकास मंत्री केटी राजेन्द्र बालाजी ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी अन्नाद्रमुक संसदीय चुनावों में दो-दो बार भाजपा के साथ गठबंधन कर चुकी है। बालाजी ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मंत्रियों,सांसदों और विधायकों के साथ विचार विमर्श करने के बाद इस संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकता है। राजन्ेद्र बालाजी ने कहा कि यह देखा गया है कि जब केन्द्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार हो तो राज्य का विकास अधिक होता है। ऐसे में यदि राज्य के हित के लिए अन्नाद्रमुक भाजपा के साथ गठबंधन करती है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं होगा।इसी क्रम में राज्य के मत्स्य मंत्री डी जयकुमार ने शनिवार को चेन्नई हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) द्वारा विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो मौजूदा सरकार पूर्ण बहुमत के साथ विश्वासमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि विधायक जक्कैयन की तरह जल्द ही अन्य विधायक भी टीटीवी दिनाकरण का साथ छो़ड देंगे और पलानीस्वामी का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता पार्टी के साथ हैं और वह द्रमुक द्वारा की जा रही मौजूदा सरकार को गिराने की कोशिश को कभी भी सफल नहीं होने देंगे। ज्ञातव्य है कि द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन रविवार को राज्यपाल सीएच विद्यासागर राव से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान वह राज्यपाल से मुख्यमंत्री पलानीस्वामी को राज्य विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश देने का अनुरोध करेंगे। इसी बीच दिनाकरण के समर्थक और पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक वेट्रिवेल ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर अन्नाद्रमुक द्वारा १२ सितम्बर को बुलाई गई पार्टी महापरिषद की बैठक पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।उल्लेखनीय है कि पार्टी की सर्वोच्च निकाय पार्टी का महापरिषद है। राज्य के मंत्री और विधायक यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं आगामी १२ सितम्बर को होने वाली इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक और पदाधिकारी उपस्थित रहे। विधायक और मंत्री स्वयं पार्टी के जिला सचिवों को फोन कर इस बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। पार्टी की महापरिषद की बैठक में पार्टी हित से संबंधित कुछ अहम निर्णय लेने के साथ ही महासचिव वीके शशिकला और टीटीवी दिनाकरण को पार्टी से हटाने के बारे में प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है।

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