पूर्व इसरो प्रमुख बोले- चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बेहतर परिणाम हासिल करने में सक्षम

पूर्व इसरो प्रमुख बोले- चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बेहतर परिणाम हासिल करने में सक्षम

चंद्रयान-2 अभियान के दौरान इसरो द्वारा जारी की गई एक तस्वीर

बेंगलूरु/भाषा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख एएस किरण कुमार ने कहा कि लैंडर ‘विक्रम’ और इसके भीतर मौजूद रोवर ‘प्रज्ञान’ से संपर्क टूट जाने के बावजूद ‘चंद्रयान-2’ का ऑर्बिटर बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सक्षम है।

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कुमार ने कहा, ‘अंतिम ‘लैंडिंग’ गतिविधि को छोड़कर अन्य सभी योजनाबद्ध गतिविधियां अक्षुण्ण हैं। उन्होंने कहा कि इस बार का ऑर्बिटर महत्वपूर्ण उपकरणों से लैस है जो एक दशक पहले भेजे गए ‘चंद्रयान-1’ की तुलना में अधिक शानदार परिणाम देने पर केंद्रित है।

कुमार ने कहा कि पूर्व में नासा जेपीएल से ‘चंद्रयान-1’ द्वारा ले जाए गए दो उपकरणों की तुलना में इस बार के उपकरण तीन माइक्रोन से लेकर पांच माइक्रोन तक की स्पेक्ट्रम रेंज तथा रडारों, दोनों के मामलों में शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता से लैस हैं।

उन्होंने कहा, एक सिंथेटिक अपर्चर रडार की जगह (इस बार) हमारे पास दो फ्रीक्वेंसी रडार हैं। इस तरह इसमें अनेक नई क्षमताएं हैं। वास्तव में यह बेहतर परिणाम हासिल करने में हमारी मदद करेगा।

पूर्व इसरो प्रमुख ने कहा, हम शानदार परिणाम मिलने की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि हम अपने माइक्रोवेव ड्युअल फ्रीक्वेंसी सेंसरों का इस्तेमाल कर स्थायी रूप से अंधकार में छाए रहने वाले (चांद के) क्षेत्रों का मानचित्रीकरण करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा, इसके अलावा हमारे पास अत्यंत उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे तथा दीर्घ स्पेक्ट्रल रेंज है।

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