टोल से मुक्ति पाने के लिए ग्रामीण चढ़े मोबाइल टावर पर

टोल से मुक्ति पाने के लिए ग्रामीण चढ़े मोबाइल टावर पर

जोधपुर/एजेन्सी। प्रदेश में स्टेट हाईवे पर भले ही 1 नंवबर से राज्य सरकार ने निजी वाहनों से टोल लेना वापस शुरू कर दिया हो, लेकिन जोधपुर में ग्रामीणों ने इसका अजीब तरीके से विरोध करते हुए फिर से इससे मुक्ति पा ली है। विरोध का यह मामला जोधपुर के बावड़ी इलाके से जुड़ा हुआ है। यहां ग्रामीणों ने टोल नीति का विरोध करते हुए मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध जताया। इसका नतीजा यह हुआ कि प्रशासनिक दखल के बाद ग्रामीणों को स्टेट हाईवे पर टोल से मुक्ति मिल गई है।
जानकारी के मुताबिक बावड़ी कस्बे में शुक्रवार को सैंकड़ों ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों से टोल वूसली बंद करने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। ग्रामीण बावड़ी क्षेत्र के नेतड़ा कस्बे में स्थित टोल पर सामान्य ग्रामीणों के वाहनों का टोल नहीं लेने की मांग को पूरा करने को लेकर अड़ गए। इस दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से जुड़े 3 युवक टोल माफी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गए। हंगामा होता देखकर बावड़ी एसडीएम हेताराम चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने टोल मैनेजर को बुलाकर ग्रामीणों की मांगों पर चर्चा की।
टोल मैनेजर ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि टोल टैक्स की परिधि में आने वाले करीबन 10 किलोमीटर की दूरी से आने वाले वाहनों का टोल माफ किया जाएगा। इस पर ग्रामीण नाराज हो गए। ग्रामीणों का कहना था उनके पास दूसरे जिलों और राज्यों में रजिस्टर्ड वाहन भी हैं। टोलकर्मी नंबर देखकर ग्रामीणों से टोल वसूल लेते हैं, जिससे एकबारगी मामला गरमा गया। डावरा सरपंच पति ने बताया कि 10 किलोमीटर की परिधि में आने के बावजदू भी उनसे टोल वसूला गया है। इस को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम ने मामले को शांत करवाने के लिए टोल मैनेजर से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले वाहन मालिक के आधार कार्ड दिखलाने के बाद टोल नहीं लिए जाने पर सहमति करवाई। इस दौरान करीब चार-साढ़े चार घंटे तक तीनों युवक टावर पर ही बैठे रहे।

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