पेड न्यूज मामले में नरोत्तम मिश्रा की याचिका खारिज

पेड न्यूज मामले में नरोत्तम मिश्रा की याचिका खारिज

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किए गए मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्र को झटका देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा और १७ जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के उनके आखिरी प्रयास को नाकाम कर दिया। विशेष तौर पर गठित न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर की एकल पीठ ने निर्वाचन आयोग द्वारा मिश्रा को अयोग्य करार देने के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने मांग की थी कि उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में मतदान की अनुमति दी जानी चाहिए। पीठ ने कहा, याचिका में कोई दम नहीं है। इसे खारिज किया जाता है। अदालत ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के अनुसार किसी उम्मीदवार की अयोग्यता आदेश की तारीख से होगी।उसने कहा, उसके बाद किसी चुनाव पर उसका क्या असर प़ड सकता है या नहीं प़ड सकता, इस बात पर विचार नहीं करना है। मिश्रा की ओर से दी गई दलील के संबंध में यह टिप्पणी की गई। दलील दी गई कि भारत के निर्वाचन आयोग के २३ जून के आदेश में उन्हें वर्ष २००८ के पिछले निर्वाचन के संबंध में अयोग्य करार दिया गया है और इससे उनका वर्ष २०१३ से चल रहा कार्यकाल प्रभावित नहीं होगा। अदालत ने भाजपा नेता के इस दावे से भी असहमति जताई कि केवल इसलिए कि उन्हें पेड न्यूज के लेखों की जानकारी थी और उन्होंने इसे नहीं रोका, इससे चुनाव आयोग यह नहीं कह सकता कि इसमें उनकी सहमति थी। न्यायाधीश ने ३६ पन्नों के अपने फैसले में कहा, इस तरह चुनाव आयोग का यह कहना उचित निष्कर्ष लगता है कि इन खबरों को प्रकाशित करने में मिश्रा द्वारा अंतनिर्हित मंजूरी थी। अदालत ने कहा कि किसी उम्मीदवार को आरोपों को खारिज करना होगा कि ना तो उसने और ना ही उसके एजेंट ने पेड न्यूज पर ऐसा कोई खर्च किया है।उच्च न्यायालय ने इस मामले में मिश्र, चुनाव आयोग और कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती की दलीलों को गुरुवार को दिन भर सुनने के बाद कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा। गौरतलब है कि भारती की शिकायत पर ही चुनाव आयोग ने भाजपा नेता को अयोग्य घोषित किया है। उच्चतम न्यायालय ने १७ जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले त्वरित सुनवाई के लिए मामला दिल्ली उच्च न्यायालय भेज दिया था। शीर्ष न्यायालय के फैसले के अनुपालन में उच्च न्यायालय ने मिश्र की याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष एकल पीठ का गठन किया था। भाजपा नेता ने उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने संबंधी २३ जून के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी थी।

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