विजयवर्गीय की चुटकी: अमित शाह जिस कॉलेज के प्रिंसिपल, प्रशांत किशोर वहां छात्र!

विजयवर्गीय की चुटकी: अमित शाह जिस कॉलेज के प्रिंसिपल, प्रशांत किशोर वहां छात्र!

अमित शाह एवं प्रशांत किशोर

कोलकाता/दक्षिण भारत। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर को रणनीति का जिम्मा देने संबंधी खबरों के बीच भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने चुटकी ली है। भाजपा के प. बंगाल प्रभारी विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को कॉलेज का प्रिंसिपल, जबकि प्रशांत को छात्र बताया है।

एक समाचार एजेंसी को दिए बयान में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चुनावी रणनीति के मामलों में अमित शाह प्रशांत किशोर से कहीं बड़े रणनीतिकार हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह जिस कॉलेज के प्रिंसिपल हैं, वहां प्रशांत किशोर अब भी स्टूडेंट हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प. बंगाल के लोगों को विश्वास नहीं है। इस स्थिति में कोई भी चुनावी रणनीतिकार क्यों न आ जाए, वह लोगों को तृणमूल कांग्रेस की ओर मोड़ने में सफल नहीं हो पाएगा।

उल्लेखनीय है कि 6 जून को ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर की मुलाकात ने ऐसी चर्चाओं को बल दिया कि प. बंगाल में भाजपा के बढ़ते जनाधार को रोकने के लिए यहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस उनकी रणनीति से फायदा उठा सकती है। इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि लोगों ने ममता बनर्जी और तृणूमल कांग्रेस को राज्य की सत्ता से हटाने का मन बना लिया है।

उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता का विश्वास खो चुकीं ममता को कोई भी रणनीतिकार अब जीत नहीं दिला पाएगा। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस चाहे जितने रणनीतिकार लगा ले, परंतु लोगों की सोच में परिवर्तन कर पाना उनके लिए मुश्किल होगा। इस संबंध में भाजपा बिल्कुल भी परेशान नहीं है।

बता दें कि अभी तक प्रशांत किशोर या तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उक्त नियुक्ति को लेकर कोई बयान नहीं आया है। वहीं, विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में ऐसी चर्चा है कि प. बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए प्रशांत किशोर की टीम सीटों का विश्लेषण करेगी। खासतौर से उन सीटों का जहां तृणमूल मजबूत रही है लेकिन हाल में लोकसभा चुनाव में उसे हार का मुंह देखना पड़ा। एक रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी जुलाई से विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत कर सकती हैं।

तृणमूल पर भारी पड़ी भाजपा की बढ़त
हाल में आए लोकसभा चुनाव नतीजों में प. बंगाल में भाजपा दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाते हुए 42 में से 18 सीटें जीतीं। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस 22 सीटें ही जीत पाई। इस प्रकार दोनों में सिर्फ चार सीटों का फासला रह गया। भाजपा ने 40.3 प्रतिशत वोट हासिल किए। वहीं, तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर 43.3 प्रतिशत रहा। यहां भी भाजपा तृणमूल कांग्रेस से ज्यादा पीछे नहीं थी। भाजपा ने कई विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त लेकर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को उलझन में डाल दिया। भाजपा नेता 2021 के प. बंगाल विधानसभा चुनाव में कमल खिलने का दावा कर चुके हैं।

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