अलीगढ़ हत्याकांड: भाजपा पर शिवसेना के तीखे तेवर, कहा- वर्तमान सत्ताधारियों की जिम्मेदारी बड़ी

अलीगढ़ हत्याकांड: भाजपा पर शिवसेना के तीखे तेवर, कहा- वर्तमान सत्ताधारियों की जिम्मेदारी बड़ी

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे

मुंबई/दक्षिण भारत। महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाए हैं। उसने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में संपादकीय लिखकर भाजपा को कहा है कि जीत का जश्न खत्म हो गया हो तो अलीगढ़ में मासूम बच्ची के साथ हुए दर्दनाक हत्याकांड की ओर ध्यान देना चाहिए।

शिवसेना ने कांग्रेस के अलावा बॉलीवुड और खेल जगत के चर्चित चेहरों द्वारा घटना को लेकर आक्रोश प्रकट करने का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ताधीश के रूप में दोबारा चुनकर आए लोग अपनी मर्यादा भूल गए हैं। बता दें कि ‘सामना’ के संपादकीय के जरिए उप्र सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी पर भी निशाना साधा गया, जिन्होंने दुष्कर्म के मामलों पर विवादित टिप्पणी की थी।

इसके अलावा संपादकीय में भाजपा सांसद साक्षी महाराज के प्रति भी अप्रसन्नता जताई गई है जिन्होंने दुष्कर्म के आरोपी से जेल में मुलाकात की। शिवसेना ने सवाल उठाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ऐसे लोगों को बार-बार समझाते रहते हैं। फिर भी ये लोग क्यों भटक जाते हैं?

बच्ची के साथ जो हुआ, वो विकृति
संपादकीय में उप्र की कानून व्यवस्था के बारे में कहा गया है कि यहां पुलिस महानिदेशक के घर के बाहर से भी अपहरण हो जाता है। हालांकि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपराधी तत्वों के खिलाफ बरती गई सख्ती की संपादकीय में तारीफ भी की गई है। संपादकीय में कहा गया है कि योगी सरकार ने जंगलराज के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। कई माफियों को भून दिया गया।

इसके बाद अलीगढ़ में हुई अमानवीय घटना पर कहा कि ढाई साल की बच्ची के साथ जो घटित हुआ, यह विकृति है। इसके अलावा संपादकीय में आतंकियों और अपराधियों को सीधे गोली मारने जैसे कठोर शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया है।

देश की बेटी मानने की हो भावना
शिवसेना ने कहा है कि अलीगढ़ में जिस बच्ची की हत्या हुई, वह देश की बेटी है। यह भावना जरूरी है। वहीं, साल 2012 में हुए निर्भया कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जिन लोगों ने संसद नहीं चलने दी थी, वे आज सत्ता में बैठे हैं। मुखपत्र में कहा गया है कि इस स्थिति में वर्तमान सत्ताधारियों का दायित्व भी बड़ा है।

अलीगढ़ की घटना मानवता पर कलंक
‘सामना’ के उक्त संपादकीय में अलीगढ़ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। पत्र कहता है कि ढाई साल की बच्ची गायब हो गई लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने में टालमटोल की और जांच में भी देरी की। संपादकीय में अलीगढ़ की इस घटना को मानवता पर कलंक बताते हुए इसे समाज का सिर झुकाने वाली करार दिया है। कहा गया है कि ऐसे में ‘बेटी बचाओं’ के नारे खोखले साबित होते हैं। संपादकीय में अलीगढ़ बार काउंसिल द्वारा आरोपियों का केस लड़ने से इनकार को सही बताया गया है।

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