कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, ‘न्याय’ का किया वादा

कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, ‘न्याय’ का किया वादा

कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है।

नई दिल्ली/भाषा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी किया जिसमें न्यूनतम आय योजना (न्याय) और स्वास्थ्य के अधिकार के साथ किसान कल्याण तथा दलितों एवं ओबोसी समुदायों के लिए कई प्रमुख वादे शामिल हैं।

Dakshin Bharat at Google News
गांधी ने संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, घोषणापत्र समिति के प्रमुख पी चिदंबरम और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में घोषणा पत्र जारी किया।

घोषणा पत्र में ‘न्याय’ योजना का प्रमुखता से उल्लेख है जिसके तहत गरीबों को 72,000 रुपए सालाना देने का वादा किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कुछ दिनों पहले ऐलान किया था कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो गरीबी हटाने के लिए न्यूनतम आय योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत देश के पांच करोड़ सबसे गरीब परिवारों को प्रति माह 6,000 रुपए दिए जाएंगे।

पार्टी ने कहा है कि सरकार बनने पर सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा घोषणा पत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बजट बढ़ाने का वादा किया गया है। अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए भी पार्टी ने कई वादे किए हैं।

Tags:

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download

Latest News

सुवेंदु अधिकारी ने मेसी के कार्यक्रम में हुई गड़बड़ की न्यायिक जांच कराने की मांग की सुवेंदु अधिकारी ने मेसी के कार्यक्रम में हुई गड़बड़ की न्यायिक जांच कराने की मांग की
Photo: @SuvenduWB X account
स्थानीय निकाय चुनावों में एलडीएफ उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: पी विजयन
थरूर ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव जीतने पर भाजपा को बधाई दी
लियोनेल मेस्सी मामला: ममता बनर्जी ने कोलकाता कार्यक्रम में 'कुप्रबंधन' को लेकर जांच के आदेश दिए
पाकिस्तानी एजेंटों को भेज रहा था खुफिया सूचना, वायुसेना का एक सेवानिवृत्त जवान गिरफ्तार!
'जो देश-प्रदेश को घुसपैठियों के सहारे चलाना चाह रहे थे, उन्हें बिहार की जनता ने बाहर का रास्ता दिखाया'
नेपाल में जेन ज़ी आंदोलन की वजह से हुआ 84 अरब रुपए से ज़्यादा का नुकसान: रिपोर्ट