राम मंदिर पर विपक्ष को राकेश सिन्हा की चुनौती- लाऊंगा प्राइवेट मेंबर बिल, करेंगे समर्थन?
राम मंदिर पर विपक्ष को राकेश सिन्हा की चुनौती- लाऊंगा प्राइवेट मेंबर बिल, करेंगे समर्थन?
नई दिल्ली। हाल में उच्चतम न्यायालय द्वारा राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई टालने के बाद अब यह मुद्दा फिर चर्चा में है। भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने एक ट्वीट कर ऐलान किया है कि वे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे। इसके लिए उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी है।
चूंकि अब तक विपक्ष के कई नेता भाजपा पर यह आरोप लगाते रहे हैं कि उसने राम मंदिर मुद्दे का सियासी फायदा उठाया और जब उसके लोग सत्ता में आ गए तो इसे भूल गए। विपक्ष यह भी पूछता रहा है कि भाजपा नेता मंदिर निर्माण की तारीख कब बताएंगे।इसके जवाब में राकेश सिन्हा ने ट्वीट किया, ‘जो लोग भाजपा और आरएसएस को उलाहना देते रहते हैं कि राम मंदिर की तारीख बताइए, उनसे सीधा सवाल है कि क्या वे मेरे प्राइवेट मेंबर बिल का समर्थन करेंगे? समय आ गया है दूध का दूध, पानी का पानी करने का।’ इस ट्वीट के जरिए राकेश सिन्हा ने राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू प्रसाद यादव और मायावती से सवाल किया है। उन्होंने इन्हें राम मंदिर पर प्राइवेट मेंबर बिल के समर्थन की चुनौती दे डाली।
जो लोग @BJP4India @RSSorg को उलाहना देते रहते हैं कि राम मंदिर की तारीख़ बताए उनसे सीधा सवाल क्या वे मेरे private member bill का समर्थन करेंगे ? समय आ गया है दूध का दूध पानी का पानी करने का .@RahulGandhi @yadavakhilesh @SitaramYechury @laluprasadrjd @ncbn
— Prof Rakesh Sinha (@RakeshSinha01) November 1, 2018
बता दें कि सदन में ऐसे सदस्य द्वारा लाए गए बिल को प्राइवेट मेंबर बिल कहते हैं जो मंत्री नहीं है। एक अन्य ट्वीट में राकेश सिन्हा ने उच्चतम न्यायालय के रुख पर टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा, ‘उच्चतम न्यायालय ने आर्टिकल 377, जलीकट्टू, सबरीमाला पर फैसला लेने में कितने दिन लिए? अयोध्या का मामला कई दशकों तक उनकी प्राथमिकताओं में नहीं है। वह हिंदू समाज की प्राथमिकता में जरूर है।’ राकेश सिन्हा के इस बयान के बाद राम मंदिर मामला फिर चर्चा में आ गया है। अगर वे ऐसा बिल लाते हैं तो इस पर जोरदार बहस होने की पूरी संभावना है।
राम मंदिर मामले पर शिवसेना पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। पार्टी का कहना है कि उद्धव ठाकरे 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे। राकेश सिन्हा द्वारा बिल लाने के फैसले पर भी उसने समर्थन देने की बात कही है।
How many days SC took to give verdict on Article 377, Jallikattu, Sabarimala ?But Ayodhya is not in priority for decades and decades . It is a top priority of Hindu society .
— Prof Rakesh Sinha (@RakeshSinha01) November 1, 2018
मंदिर निर्माण को लेकर मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनना चाहिए और वे इसके पक्ष में हैं। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की ओर से कहा जाता रहा है कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करेगी। संघ की ओर से ऐसे कई बयान आ चुके हैं जिनमें शीघ्र राम मंदिर निर्माण का जिक्र किया गया है। अब देखना होगा कि राकेश सिन्हा यह बिल कब लाते हैं और इस पर विपक्ष का क्या रुख होता है।
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